रांची : झारखंड हाई कोर्ट की स्थापना की रजत जयंती समारोह का आयोजन शनिवार को हाईकोर्ट परिसर में हुआ। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती है। भगवान बिरसा हम सबके बीच हैं और सदा रहेंगे. उन्होंने कहा कि न्याय का रोल केवल विवादों को दूर करना ही नहीं है बल्कि कमजोर वर्गों को संरक्षण देना है. समानता ,पारदर्शिता, न्याय व्यवस्था में काफी जरूरी है. कमजोर वर्गों को सुरक्षा देने की जरूरत है. न्याय सबके लिए सुलभ होनी चाहिए. हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बीच ब्रिज का काम करता है। समाज को हाईकोर्ट की जरूरत है, हाईकोर्ट लोगों के अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करता है। न्याय सबके लिए है जो संविधान सुनिश्चित करता है।

इससे पहले विशेष अतिथि केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री( स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि जरूरतमंदों को सुलभ एवं जल्द न्याय में झारखंड हाई कोर्ट की उपलब्धियां बेहतर रही है। उन्होंने कहा कि आज नई टेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी आदि का युग है, हम इससे दूर नहीं रह सकते हैं। ज्यूडिशरी भी इससे दूर नहीं रह सकती। झारखंड हाई कोर्ट को सिल्वर जुबली के बाद अब गोल्डन जुबली के लिए रोड मैप बनाना चाहिए। यहां के अधिवक्ताओं ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की रांची में बेंच स्थापित करने की मांग रखी है जिस पर विचार किया जाएगा।
स्वागत भाषण देते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने कहा झारखंड का इतिहास गौरवशाली है। यहां नेचुरल रिसोर्स प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। आदिवासी संस्कृति धरोहर का यह स्टेट है । लोगों को न्याय मिले यही झारखंड हाई कोर्ट का दायित्व है। मौके पर जस्टिस सूर्यकांत ने रिमोट से डिस्टिक ज्यूडिशरी ऑफ़ झारखंड मोबाइल ऐप की लांचिंग की गई। साथ ही हाई कोर्ट का प्रगति नाम की स्मारिका का भी विमोचन हुआ।
इससे पूर्व सभी अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा के फोटो पर फूल चढ़कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम में झारखंड हाई कोर्ट के सभी जज, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपंकर दत्ता, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा, जस्टिस संदीप मेहता, जस्टिस विजय विशनोई, मुंबई हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर, तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह, हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस वीरेंद्र सिंह, हाइकोर्ट के पूर्व जस्टिस सुशील कुमार हरकोली, पूर्व जस्टिस अमिताभ गुप्ता,पूर्व जस्टिस पीपी भट्ट, पूर्व जस्टिस डीके प्रसाद, आदि उपस्थित थे।


