रांची : झारखंड में आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रहने वाले छात्र शिक्षा विभाग ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की गाइडलाइन में बड़ा बदलाव किया है. इस योजन के तहत छात्रों को 15 लाख रुपए का एजुकेशन लोन बिना मार्जिन मनी के मिलेगा. फिलहाल 4 लाख रुपए से अधिक लोन पर 5 प्रतिशत मार्जिन मनी बैंक को देना पड़ता था. इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मंजूरी दी है.
Highlights:
2,600 छात्रों को मिलेगा शिक्षा ऋण
विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, योजना लागू होने के बाद लगभग 2600 छात्रों को शिक्षा ऋण स्वीकृत किया गया है. वहीं क्रियान्वयन के दौरान सामने आई व्यावहरिक समस्याओं को देखते हुए गाइडलाइन में बदलाव किया गया. 29 जनवरी 2026 को उच्च बैठक में इसे सहमति दी गई. राज्य सरकार पर इस बदलाव के कारण हर साल लगभग 5 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.
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ऑनलाइन पोर्टल से प्रक्रिया सरल
नए प्रावधान लागू होने के बाद फीस और अन्य खर्चों के भुगतान के लिए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए क्लेम और सत्यापन की प्रक्रिया सरल होगी. संस्थानों द्वारा अपलोड दस्तावेजों के आधार पर राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में भेजी जाएगी. जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी. इस फैसले से आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी.
छात्रों के तकनीकी और प्रोफेशनल शिक्षा में भी भागीदारी बढ़ेगी. राज्य से बाहर जाकर पढ़ाई करना आसान होगा. वहीं छात्रों के स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. इसके साथ ही कोर्स अवधि के दौरान किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगा. एक से अधिक बार फीस क्लेम करने का विकल्प भी मिलेगा.
योजना में शामिल संस्थान
इस योजना में यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस, होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी संस्थान, फैशन टेक्नोलॉजी और डिजाइन संस्थान सभी शामिल होगे.


