रांची: गुरुवार से शुरू हो रहे झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के ठीक पहले बुधवार को राजधानी रांची में तेज बारिश के बीच 12वें दिन छात्रों का आंदोलन और सत्याग्रह तेज हो गया. राज्य सरकार आंदोलनरत छात्रों से बातचीत करने की पहल करती नजर आई, जब रांची जिला प्रशासन के दो अधिकारी एसडीएम और एडीएम दोपहर बाद बातचीत करने धरनास्थल पर पहुंचे. शुरुआती दौर की बातचीत होने और छात्रों की मांगों को सुनने के बाद बातचीत के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया लेकिन छात्रों ने सरकार के सामने बंद कमरे की जगह खुले में बातचीत करने की शर्त रख दी.
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इधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस बयान के बाद कि सरकार बातचीत करने को तैयार है, सरकार के स्तर पर चार मंत्रियों के कमिटी के गठन होने की चर्चा तेज होने लगी ताकि छात्रों की प्रमुख समस्याओं ओर किए जा रहे मांगों पर चर्चा हो सके. कहा गया कि सरकार की कोशिशों को छात्रों के मुद्दे पर गंभीर और सकारात्मक दिखाया जा सके. मानसून सत्र को लेकर बुधवार शाम होने वाली सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक में भी मंत्रियों की कमिटी के गठन पर सहमति बन गई. बताया गया कि मंत्रियों की कमिटी में सरकार में शामिल सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
मंत्रियों की कमिटी बनी
बैठक खत्म होने के बाद सत्ता पक्ष के नेताओं और मंत्रियों ने छात्र आंदोलन, जेपीएससी मामले में जारी जांच प्रक्रिया और आगे की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की. बताया गया कि सरकार में शामिल चार मंत्री सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा, दीपिका पांडे सिंह और संजय प्रसाद यादव छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार विमर्श करेंगे और सरकार को अपना सुझाव देंगें.
कांग्रेस विधायक कुमार जय मंगल सिंह ने भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर पूरी तरह सख्त हैं. इसमें किसी भी तरह की कोई कोताही की गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि इस गड़बड़ी में चाहे सरकार के अंदर के लोग शामिल हों या बाहर, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बयान
दूसरी तरफ, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधायक दल की बैठक के बाद कमेटी के स्वरूप और उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि जिस कमेटी का गठन किया गया है, उसका मुख्य मकसद छात्रों से सीधे वार्ता करना नहीं, बल्कि पूरे छात्र आंदोलन पर लगातार नजर बनाए रखना है. वित्त मंत्री ने आगे कहा सरकार ने अपनी बात और मंशा छात्रों तक पहुंचा दी है कि मामले में जो भी जरूरी और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, वह की जा रही है. आंदोलन के समाधान का रास्ता निकालते हुए उन्होंने कहा कि परिस्थिति के अनुसार हो सकता है कि छात्रों को दो कदम पीछे हटना पड़े और सरकार को भी दो कदम आगे बढ़ना पड़े.
गुरुवार सुबह 10 बजे होगा तय
आंदोलनरत छात्रों से बातचीत और उनके मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने को लेकर मंत्रियों की कमिटी बनने की चर्चा के बीच छात्रों ने भी बुधवार देर शाम यह ऐलान कर दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे सरकार के साथ उनकी मुलाकात और बातचीत को लेकर वह अपना प्रतिनिधिमंडल तय कर इसकी जानकारी साझा करेंगे. इसके बाद ही यह तय होगा कि बातचीत कहां और किसके साथ होगी.
धरनास्थल पर हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने बताया कि एसडीएम के जरिए वार्ता के मिले प्रस्ताव पर गुरुवार सुबह तक वह तय कर लेंगे कि सरकार संग बातचीत में उनकी ओर से कौन कौन शामिल होगा. इस बातचीत में हालांकि यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या छात्रों के दोनों गुटों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे या फिर केवल एक समूह, जिसके 4 छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हैं.


