रांची: पिछले महीने झारखंड की राजधानी रांची में हुए छात्र आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करने, भड़काऊ भाषण देने व जान से मारने की धमकी देने के आरोपी विश्वजीत कुमार को पिछले दिनों कोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन जमानत की शर्तों को लेकर अब खुलासा हुआ है कि कोर्ट ने जमानत के लिए कई कड़ी शर्तों को भी रखा. इन शर्तो का उलंघन करने पर जमानत तत्काल रद्द होने व फिर से जेल जाने की भी चेतावनी मिली।
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मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट की शर्तों में आरोपी के किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स या इंस्टाग्राम के जरिए मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने का प्रयास नहीं करने मुख्यमंत्री आवास या कार्यस्थल के आसपास नहीं दिखने और न ही उनकी निजता भंग करने की कोशिश शामिल है.
इसके अलावा मुख्यमंत्री को परेशान करने, अपमानित करने, डराने या दो समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने के इरादे से कोई भी बयान या टिप्पणी प्रकाशित, प्रसारित या फॉरवर्ड नहीं करेगा. आरोपी समाज में शांति और अच्छा आचरण बनाए रखेगा. आरोपी इस केस के पुलिस जांच अधिकारी का सहयोग करेगा और दो जमानतियों में से एक उसका निकट संबंधी होगा.
यह मामला रांची के कोतवाली थाना में दर्ज कांड संख्या 177/2026 से संबंधित है. शिकायतकर्ता सुजीत कुमार कुजूर ने लिखित शिकायत दर्ज कराइ है कि एक व्यक्ति मुख्यमंत्री के आवास में घुसने, उन्हें नुकसान पहुंचाने तथा हिंसा भड़काने जैसी बातें कर रहा था और यह सब कुछ JPSC और JSSC के मुद्दे पर हो रहे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आंदोलन स्थल से किया गया है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विश्वजीत को 14 अगस्त को हिरासत में लिया गया था.


