गोड्डा : महागामा के घाट बलिया में अवैध मिनी गन फैक्ट्री मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस आशय की जानकारी महागामा एसडीपीओ वरुण रजक ने रविवार को दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पवन कुमार तुरी, प्रीतम कुमार और इन्द्रदेव रविदास के नाम शामिल हैं।
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पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर हथियारों के परिवहन में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार (जेएच 17 एसी3032) भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, पवन कुमार तुरी के परिसर/वाहन से प्रेस बोर्ड और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े पहचान-पत्र भी मिले हैं। एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में कार्रवाई के बाद पुलिस अब हथियार निर्माण और परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
आरटीआई एक्टिविस्ट से हथियार कारोबारी तक
आरटीआई एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया पत्रकार के रूप में पहचान रखने वाले पवन कुमार तुरी को लेकर अवैध हथियार निर्माण तक की नेटवर्क की गोड्डा पुलिस खंगाल रही है। पवन ने मुंगेर स्थित अपने पैतृक गांव से हथियार बनाने का हुनर सीखा और वर्ष 2020 के आसपास हथियार निर्माण के कारोबार में उतर गया।
बताया जा रहा है कि बलिया गांव में कथित हथियार निर्माण का काम शुरू करने से पहले पवन ने गोड्डा के किसी स्थान पर अपने कुछ सहयोगियों के साथ हथियार बनाने का प्रयास शुरू किया था। बाद में उसने कथित तौर पर मशीन और अन्य सामान को महागामा तक पहुंचाया और वहां से इस गतिविधि को आगे बढ़ाया।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि शहरी इलाके में गतिविधियों की भनक आसानी से लग सकती थी। इसी वजह से कथित तौर पर महागामा को हथियार निर्माण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर हथियार बनाने लगा। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियार निर्माण कब से चल रहा था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और तैयार हथियारों की आपूर्ति कहां तक होती थी।


