Thursday, July 23, 2026

क्या मईयां सम्मान योजना खतरे में ?

झारखंड : हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार की ओर से राज्य में चलाई जा रही मईयां सम्मान योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबन बनाने को लेकर साल 2024 के अगस्त महीने में शुरू की गई थी. कहा जा रहा है कि इस योजना के कारण ही बीते साल झारखंड में हुए विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल कर हेमंत सोरेन एक बार फिर से सत्ता में वापसी करने में सफल रहे. हालांकि सत्ता में वापसी करने के बाद दिसंबर 2024 से इस योजना पर ग्रहण लग गया, सरकार ने भले ही शुरू में मिलने वाली एक हजार की राशि को ढाई हजार कर दिया लेकिन कुछ महीनों तक नियमित रूप से मिलने के बाद इस योजना के तहत लाभुक महिलाओं के खाते में राशि अब नहीं आ रहे हैं. सरकार ने इस योजना के लाभुकों की उम्र सीमा 18 साल से लेकर 50 साल तय की है.

21 नवंबर से शुरू हुई सरकार आपके द्वार कार्यक्रम

शुरुआत में योजना की राशि महिलाओं के खाते में नियमित रूप से भेजी जा रही थी, लेकिन पिछले कई महीनों से राज्यभर की महिलाएँ इस योजना को लेकर परेशान हैं। कई जिलों में चार से छह महीने तक लाभुकों को सम्मान राशि नहीं मिली है तो कई जगहों पर नए लाभुकों को इस योजना में शामिल भी नहीं किये जाने की बात सामने आ रही है. महिलाएँ बैंक जाकर पासबुक अपडेट कराती हैं, लेकिन खाते में कोई भुगतान दर्ज नहीं होता। झारखंड की कई महिलाएँ इस डर से भी परेशान हैं कि कहीं योजना बंद न कर दी जाए या आगे भुगतान होने में और देर न हो जाए। ब्लॉक ऑफिस और पंचायतों की ओर से स्पष्ट जानकारी न मिलने की वजह से लाभुक महिलाओं में भ्रम और नाराज़गी बढ़ती रहती है। ऐसे में महिलाओं का कहना है कि न तो ब्लॉक ऑफिस में उन्हें फॉर्म मिलता है, और न ही ऑनलाइन पोर्टल से भी कोई मदद मिल पाती है. ताजा मामला राज्य सरकार की ओर से बीते 21 नवंबर से शुरू हुए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर है, जिसका आयोजन सभी ग्राम पंचायतों और नगर निकाय के वार्डों में हो रहा है लेकिन इन शिविरों में भी इस योजना के नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं. ऐसे में वे इस योजना का लाभ लेने के लिए जाएँ तो कहाँ जाएँ?

नहीं लिए जा रहे हैं मईयां सम्मान योजना के आवेदन 

अब बात रांची में चल रहे आपकी योजना– आपकी सरकार– आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर करें तो इस आयोजन को लेकर लोगों को काफी उम्मीदें थीं। सरकार ने ऐलान किया था कि शहर के हर वार्ड और पंचायतों में लगाए जाने वाले इन शिविरों में प्रमाणपत्रों से लेकर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक सभी सुविधाएँ मौके पर प्रदान की जाएँगी। लेकिन राजधानी रांची में लगाए गए कई शिविरों में यह बात सामने आई कि इस योजना के लिए नए लाभुकों के फॉर्म स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं. पिछले दिनों तिरिल तालाब स्थित वार्ड 10 में आयोजित शिविर में आई कई महिलाओं ने यह शिकायत की कि शिविर में मईयां सम्मान योजना के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं. इसके अलावा कई महिलाओं के हाथों में ब्लॉक ऑफिस की पर्चियाँ थीं, जहाँ उन्हें बताया गया था कि फॉर्म शिविर में जमा होगा। लेकिन शिविर में मौजूद कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल मईयां सम्मान योजना के आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं।

ऐसे शिविरों का आयोजन पूरे प्रदेश में हो रहा है, जिसमें स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं. गिरिडीह में आयोजित एक ऐसे ही शिविर में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी पहुंची थी. कई महिलाएँ तीन-चार महीने से इस योजना का लाभ लेने के लिए बीते कई महीनों से लगातार कोशिशें कर रही हैं कि उनका फॉर्म जल्द से जल्द जमा हो जाए लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिल रही है. महिलाओं को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आवेदन लेकर कौन उनकी मदद करेगा। कई महिलाएँ कई महीनों से इस योजना का पैसा मिलने का इंतजार कर रही हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं दिखता।

शिविरों में प्रमाणपत्रों की तत्काल मंजूरी भी बड़ी संख्या में 

शिविरों में बार-बार जाकर भी उन्हें यह जानकारी नहीं मिल पा रही कि आवेदन कब और कहाँ स्वीकार किए जाएँगे। ब्लॉक ऑफिस में अलग जवाब मिलता है और शिविरों में अलग, जिससे महिलाएँ और अधिक असमंजस में पड़ रही हैं।
शिविरों में अन्य सभी योजनाओं जैसे, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, सर्वेक्षण गलती सुधार, भूमि मापी, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा जॉब कार्ड, CM सारथी योजना, शिकायत निवारण तथा कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं का काम मौके पर हो रहा है। कई लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्रायसाइकल, छड़ी और अन्य सामग्री भी दी गई। शिविरों में प्रमाणपत्रों की तत्काल मंजूरी भी बड़ी संख्या में की गई है, लेकिन मईयां सम्मान योजना को लेकर शिविरों में काम होता नहीं दिख रहा.

28 नवंबर तक आयोजित होने वाले ऐसे शिविरों की बात करें तो राजधानी रांची के विभिन्न वार्डों में रोजाना शिविर लगाए जा रहे हैं। करबला चौक, निगम धर्मशाला, मनी टोला, कडरू दुर्गा मंडप मैदान जैसे इलाकों में भारी भीड़ जुट रही है। सबसे अधिक भीड़ माइयां सम्मान योजना के आवेदन के लिए आने वाली महिलाओं की होती है। आने वाले दिनों में भी रांची के सेक्टर 6 हरमू पार्क, LP Public School किशोरगंज, गोपाल मंदिर परिसर, चुनाभट्टा, बिड़ला मंदिर सहित कई जगह शिविर आयोजित होंगे। वहीं 27 और 28 नवंबर को डोरंडा अंचल कार्यालय, सामुदायिक भवन गिरजा टोली, हिनु वार्ड कार्यालय, डोरंडा स्टोर, जोरार और नामकुम क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएँगे। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से माइयां सम्मान योजना को लेकर स्पष्ट निर्देश अब तक नहीं मिले हैं। वे जल्द ही इस मुद्दे को उठाएंगे, क्योंकि जिस योजना को लेकर सबसे अधिक महिलाएँ शिविरों में पहुँच रही हैं, उसे प्रक्रिया से बाहर रखना उचित नहीं है। रांची का शिविर कई मामलों में सफल दिखाई दे रहा है, लेकिन माइयां सम्मान योजना का आवेदन न लिया जाना और भुगतान का लंबे समय से अटका होना पूरे कार्यक्रम में सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। महिलाओं की उम्मीद अब आने वाले शिविरों पर टिकी है, जहाँ वे चाहती हैं कि उनके आवेदन भी बाकी सेवाओं की तरह स्वीकार किए जाएँ और भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू हो।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर