डेस्क : ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ख़ामेनेई की मौत की बात कही थी. अमेरिका और इसराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया था जिसके बाद ख़ामेनेई की मौत की ख़बर आई है.
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था, “ख़ामेनेई का तेहरान स्थित आवास एक ज़बरदस्त और अचानक हुए हमले में तबाह हो गया है, और ऐसे कई संकेत हैं कि 86 साल के मौलवी अब नहीं रहे.” सरकारी टीवी चैनलों पर प्रेज़ेंटर्स के पढ़े गए बयानों से ये पता चला है कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शनिवार तड़के उनके दफ़्तर में मौत हुई, जब वह “अपने कामकाज में व्यस्त थे.” इसके अलावा तेहरान में ख़ामेनेई के दफ़्तर लीडरशिप हाउस कंपाउंड के कई हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुँचा है.
दो अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के कमांडर-इन-चीफ़ मोहम्मद पाकपुर और ईरान की रक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी की अमेरिका और इसराइल के हमलों में मौत हुई है. यह जानकारी ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने दी है. इससे पहले इसराइली सेना ने ईरान की सुरक्षा नेतृत्व टीम के सात सदस्यों के नामों की घोषणा की थी, जिनमें पाकपुर और शमखानी भी शामिल थे, और उन्होंने दावा किया था कि ये दोनों मारे गए हैं.
हमले में 130 की मौत
ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने इस हमले का जवाब इसराइल और चार खाड़ी अरब देशों, जहां अमेरिका के मिलिट्री बेस हैं- बहरीन, कुवैत, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात की ओर मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च करके दिया है. वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का एक बयान सामने आया है, जिसमें उसने चेतावनी दी है कि वो अमेरिकी अड्डों और इसराइल पर हमला करेगा.


