न्यूज डेस्क : ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ ईरान पर अमेरिकी-इसराइली हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रवक्ता और जनसंपर्क अधिकारी अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है. आईआरजीसी से जुड़ी ‘फ़ार्स’ न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अली मोहम्मद नैनी ने चार दशकों तक आईआरजीसी में सेवा दी और पिछले दो वर्षों से वह संगठन के प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे.
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इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने भी अली मोहम्मद नैनी को ख़त्म करने की जानकारी देते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसराइली सेना ईरान की राजधानी तेहरान पर लगातार बमबारी कर रही है. इसराइली सेना ने कहा कि वह ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है, हालांकि उसने यह साफ़ नहीं किया कि उसका टारगेट क्या है.
लगातार बमबारी के बावजूद, ईरान का कहना है कि वह मिसाइलों का उत्पादन जारी रखे हुए है. उसका कहना है कि उसके मिसाइल भंडार में कोई ख़ास दिक्कत नहीं आई है. वहीं अमेरिका और इसराइल का कहना है कि उनके हमलों ने ईरान की मिसाइल प्रोडक्शन क्षमता को कमज़ोर कर दिया है.
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ईरान की ब्रिटेन को चेतावनी
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने ब्रिटेन से कहा है कि अमेरिका को उसके मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने की इजाज़त देना “हमले में शामिल होना” माना जाएगा. ईरान का कहना है कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से फ़ोन पर बात की. इस दौरान अराग़ची ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से अमेरिका को दी गई कोई भी मदद “हालात को और बिगाड़ देगी”.
अराग़ची ने मौजूदा हालात में ब्रिटेन और दूसरे यूरोपीय देशों पर “पक्षपात वाला रवैया” अपनाने का आरोप लगाया. ये भी रिपोर्ट है कि अराग़ची ने ब्रिटेन की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने ईरान के साउथ पार्स गैस फ़ील्ड्स पर इसराइल के हमलों की निंदा नहीं की. इस बारे में अभी तक ब्रिटेन की सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. बीबीसी ने ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से इस पर टिप्पणी मांगी है.

