इंटरनेशनल डेस्क: मिडल पूर्वी में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। स्ट्रैट ऑफ होरमुज को लेकर ईरान ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया। पहले जलमार्ग को खोलने के संकेत दिए गए थे, लेकिन बाद में इसे वापस लेते हुए आवाजाही पर नियंत्रण फिर सख्त कर दिया गया। यह फैसला उस बयान के बाद आया, जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका ईरान पर लगी नाकेबंदी को तब तक जारी रखेगा, जब तक तेहरान उसके साथ समझौता नहीं करता। इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी शामिल बताया गया है।
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ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान की संयुक्त सैन्य कमांड ने साफ कहा है कि जब तक उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को रोका जा सकता है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर ग़लिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप ने कई गलत बयान दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात के अनुसार ईरान स्ट्रैट ऑफ होरमुज को पूरी तरह बंद भी कर सकता है।
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सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया
दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति सोशल मीडिया के जरिए तय नहीं होती, बल्कि जमीनी हालात के आधार पर निर्णय लिया जाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की पाबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।


