न्यूज डेस्क: भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार सास व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह तथा पति समर्थ सिंह को सीबीआई ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों की पांच-पांच दिन की रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। इससे पहले समर्थ सिंह को सात दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया था। शुक्रवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे फिर कोर्ट में पेश किया गया था।
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आमने-सामने होगी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान सीबीआई गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी समर्थ सिंह से यह भी जानने की कोशिश करेगी कि फरारी के दौरान वह कहां रहा और किन लोगों के संपर्क में था। सीबीआई इस मामले की जांच में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी अब ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक के जरिए ट्विशा शर्मा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-दर-मिनट समझना है, ताकि मौत से जुड़ी परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका
सीबीआई ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान एजेंसी ने स्पॉट वेरिफिकेशन भी किया। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई है। इसी आधार पर जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और डिजिटल एविडेंस की जांच कर रही है। सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए।
घर के भीतर डिजिटल ट्रैक
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने ट्विशा के घर के भीतर मूवमेंट का डिजिटल ट्रैक तैयार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग को एक साथ जोड़ा जा रहा है।
जांच एजेंसी तीन मंजिला मकान के भीतर ट्विशा की आखिरी लोकेशन, आवाजाही और संपर्कों का क्रम तैयार कर रही है, ताकि घटना के समय की पूरी गतिविधि समझी जा सके। सीबीआई कैमरों के टाइमस्टैंप, मोबाइल एक्टिविटी और इंटरनेट उपयोग के समय का मिलान कर एक सिम्युलेटेड वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है। इससे घटना से पहले और बाद के समय में मौजूद गैप, संदिग्ध गतिविधियों और बयानों में विरोधाभास की जांच की जाएगी।
7 घंटे तक हुई पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
इससे पहले गुरुवार यानी 28 मई की सुबह करीब साढ़े 10 बजे सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। वहां एक कमरे में सात घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सीबीआई हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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