बिहार : भोजपुरी सिनेमा की दुनिया में इस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं मशहूर सिंगर और एक्टर पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह। कभी अपने गानों और फिल्मों से लोगों के दिलों पर राज करने वाले पवन सिंह अब अपनी राजनीतिक योजनाओं और निजी विवादों के कारण चर्चा में हैं। वहीं दूसरी ओर, उनकी पत्नी ज्योति सिंह अब खुद एक अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। ज्योति सिंह का नाम अब सिर्फ “पवन सिंह की पत्नी” के तौर पर नहीं लिया जा रहा, बल्कि वे अब एक सशक्त, आत्मनिर्भर और बेबाक महिला के रूप में सामने आई हैं। हाल ही में उन्होंने अपने निजी जीवन और राजनीति से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे बिहार की सियासत में हलचल मच गई है।
कौन हैं ज्येति सिंह ?
ज्योति सिंह एक भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। ज्योति सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली हैं। उनका परिवार एक पढ़ा-लिखा और सम्मानित परिवार माना जाता है। वे हमेशा से ही शांत और सुलझे स्वभाव की रही हैं। हालांकि वे फिल्मी दुनिया से सीधे तौर पर जुड़ी नहीं थीं, लेकिन पवन सिंह से शादी के बाद वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने लगीं। साल 2018 में पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी बड़े धूमधाम से हुई थी। उस समय भोजपुर जिले और भोजपुरी इंडस्ट्री में इस शादी की खूब चर्चा थी। पवन सिंह पहले से ही एक बड़ी स्टार पर्सनैलिटी थे। शुरुआती कुछ महीनों तक दोनों का रिश्ता अच्छा रहा, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं।
ज्येति ने की सोशल मीडिया पर बातचीत
ज्योति सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शादी के कुछ समय बाद पवन सिंह का व्यवहार उनके प्रति बदलने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन सिंह ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जैसा करना चाहिए था। ज्योति ने कहा कि उन्होंने कई बार रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन जब हालात लगातार बिगड़ते चले गए तो उन्हें खुलकर अपनी बात रखनी पड़ी। पवन सिंह की फिल्मी, विवादों में घिरा रहना और उनके व्यक्तिगत जीवन में उथल-पुथल ने इस रिश्ते को धीरे-धीरे कमजोर कर दिया।
पवन सिंह पर लगे आरोप
जब पवन सिंह ने हाल ही में राजनीति में उतरने की घोषणा की और कहा कि वे जनता की सेवा करना चाहते हैं, तो उनके फैन्स में उत्साह की लहर दौड़ गई थी। लेकिन ठीक उसी समय ज्योति सिंह ने मीडिया के सामने आईं और उन्होंने पवन सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “पवन सिंह का असली चेहरा जनता के सामने आना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि पवन सिंह पहले भी काराकाट सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और वे हार गए थे।
ज्योति सिंह अब राजनितीक मैदान में
ज्योति सिंह अब खुद राजनीतिक रूप से सक्रिय दिखाई दे रही हैं। कुछ दिनों पहले ज्योति सिंह की मुलाकात जन सुराज पार्टी के नेताओं से हुई थी। इस मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि वे काराकाट सीट से इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। जन सुराज पार्टी की यह मुलाकात सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से ज्योति सिंह को टिकट देने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिर भी, ज्योति के तरफ से यह साफ दिखता है कि वे राजनीति में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अगर उन्हें जन सुराज पार्टी से टिकट नहीं मिलता, तो उनके पास और भी विकल्प खुले हैं। वे किसी दूसरी पार्टी से भी हाथ मिला सकती हैं या स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकती हैं।
पवन सिंह अब नहीं लड़ेगे चुनाव
इन बयानों का असर पवन सिंह की राजनीतिक छवि पर गहराई से पड़ा। कुछ ही दिनों में पवन सिंह ने अचानक राजनीति से पीछे हटने का फैसला कर लिया। इससे यह चर्चा और तेज हो गई कि क्या ज्योति सिंह के आरोपों की वजह से ही पवन सिंह को पीछे हटना पड़ा। वहीं, पवन सिंह के पीछे हटते ही ज्योति सिंह खुद सियासी रूप से सक्रिय नजर आने लगीं। कुछ दिनों पहले उनकी जन सुराज पार्टी के नेताओं से मुलाकात हुई, जिससे अटकलें लगाई जाने लगीं कि वे अब काराकाट सीट से जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं।
ज्योति सिंह लड़ सकती हैं चुनाव
ज्योति सिंह का कहना है कि अगर जनता चाहेगी, तो वे जरूर काराकाट सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि अब वे सिर्फ किसी की पत्नी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी पहचान और अपने हक के लिए लड़ना चाहती हैं। उनके इस आत्मविश्वासी रुख ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। वे अब महिलाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही हैं, जो अपने आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं।
ज्योति सिंह के पिता का बयान
इस बीच, ज्योति सिंह के पिता रामबाबू सिंह का भी एक बयान सामने आया है, जिसने पूरे विवाद को एक अलग मोड़ दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर पवन सिंह अपनी गलती मान लें और ज्योति को फिर से स्वीकार कर लें, तो वह चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी राजनीति में बदले की भावना से नहीं उतर रही, बल्कि वह अपने आत्मसम्मान और सच्चाई के लिए लड़ रही है। कई लोगों का कहना है कि ज्योति अब सिर्फ अपने हक के लिए नहीं, बल्कि समाज की महिलाओं के लिए भी एक नई मिसाल बन गई हैं।
अब सभी की नजरें ज्योति सिंह के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वे सच में राजनीति में उतरेंगी? क्या वे जन सुराज पार्टी से काराकाट सीट पर चुनाव लड़ेंगी या फिर किसी और दल से? या क्या वे अपने पिता की बात मानकर अगर पवन सिंह उन्हें स्वीकार करते हैं, तो राजनीति से दूर रह जाएंगी? ये सारे सवाल इस समय बिहार की सियासत में चर्चा के मुख्य विषय हैं।
ज्योति सिंह की अलग पहचान
फिलहाल, एक बात तो साफ है कि पवन सिंह के राजनीति से पीछे हटने और ज्योति सिंह के खुलकर सामने आने से बिहार की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। काराकात सीट, जो पहले पवन सिंह के नाम से जानी जाती थी, अब ज्योति सिंह की वजह से चर्चा में है। ज्योति सिंह ने जिस आत्मविश्वास और खुलेपन से मीडिया के सामने अपनी बात रखी, उसने उन्हें एक सशक्त महिला की पहचान दिलाई है। वे अब सिर्फ एक स्टार की पत्नी नहीं, बल्कि अपनी आवाज उठाने वाली महिला बन चुकी हैं। आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में ज्योति सिंह का नाम और भी अहम होने वाला है। लोग यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि उनका अगला कदम क्या होगा। किसी भी रास्ते का चुनाव करें, इतना तय है कि अब ज्योति सिंह ने अपनी अलग पहचान बना ली है।


