न्यूज डेस्क : ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग शुरू होने के बाद तेहरान पर शनिवार को सबसे ज़्यादा हमले हुए हैं. ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएनए) का कहना है कि 28 मार्च को ईरान में कम से कम 701 हमले दर्ज किए गए हैं. एजेंसी का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद यह एक दिन में दर्ज किए गए सबसे अधिक हमले हैं.
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एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, इन हमलों में से 74% हमले ईरान की राजधानी तेहरान में हुए हैं. एजेंसी का कहना है कि अब तक इस संघर्ष में 1,551 ईरानी आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें कम से कम 236 बच्चे भी शामिल हैं. इससे पहले 28 फ़रवरी को शुरू हुए इस युद्ध को क़रीब एक महीना हो गया है. हालांकि, कुछ देश ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिनमें भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान का नाम भी सामने आ रहा है.
हूती विद्रोहियों ने इसराइल पर दागी दूसरी मिसाइल
इधर यमन के हूती विद्रोहियों ने इसराइल पर दूसरी मिसाइल दागी है और ड्रोन से हमले किए हैं. यह जानकारी सीएनएन और टाइम्स ऑफ़ इसराइल दोनों ने बताई है. हालांकि, इसराइल ने कहा कि उसने यमन से छोड़ी गई एक मिसाइल को रोक लिया. ईरान समर्थित इस समूह ने इसराइल पर एक क्रूज़ मिसाइल छोड़ी, जिसे गिरा दिया गया. इससे पहले हूती विद्रोही समूह ने एक बैलिस्टिक मिसाइल इसराइल पर दागी थी.
इलात शहर पर ड्रोन हमला
इसराइली मीडिया चैनल 12 और टाइम्स ऑफ़ इसराइल ने अलग से यह भी बताया है कि दक्षिणी इसराइल के इलात शहर पर ड्रोन हमला हुआ, जोकि यमन की ओर से किया गया था. इससे पहले हूती विद्रोहियों ने कहा था कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं जो ‘संवेदनशील इसराइली सैन्य ठिकानों’ को निशाना बनाने के लिए थीं. हूती इसे पलटवार हमला बता रहे हैं, उनका कहना है, “पहले इसराइल ने ईरान, लेबनान, इराक़ और फ़लस्तीनी इलाक़ों को निशाना बनाया. इसके जवाब में अब इसराइल पर हमले हो रहे हैं.”


