Thursday, July 23, 2026

झारखंड में महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराध करने पर अविलंब मिलेगी कड़ी सजा- हाईकोर्ट

रांची: झारखंड में महिलाओं और नाबालिगों के साथ बढ़ते यौन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। हाईकोर्ट की कड़ी फटकार और जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने एक 4 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एक ऐसी एसओपी (SOP) तैयार करेगी, जिससे अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सकेगा।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में सरकार

राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में बढ़ते अपराध के आंकड़ों ने न्यायपालिका को चिंता में डाल दिया था। अधिवक्ता कौशल भारती द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने गृह सचिव से लेकर एसएसपी तक को सशरीर हाजिर होने का आदेश दिया था। अदालत में पेश किए गए भयावह आंकड़ों और असुरक्षा की भावना को देखते हुए सरकार ने तत्काल यह बड़ा कदम उठाया है।

ये ‘वुमन पावर’ तैयार करेगी सजा का रोडमैप
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव अभय नंदन अंबष्ट ने अदालत को बताया कि इस विशेष कमेटी में चार अनुभवी महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो जमीनी हकीकत और कानूनी पेचीदगियों को समझते हुए कड़े नियम बनाएंगी। इस कमिटी में पंचायती राज निदेशालय की निदेशक राजेश्वरी बी, झारखंड पुलिस की प्रशिक्षण प्रशिक्षण विजय लक्ष्मी, समाज कल्याण निदेशालय की निदेशक किरण पासी एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अपर सचिव सीता पुष्पा शामिल है।

क्या होगा इस कमेटी का मुख्य काम?

अक्सर कानूनी दांव-पेच और जांच में देरी के कारण अपराधी बच निकलते हैं। यह कमेटी निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस करेगी:
स्पीडी ट्रायल: केस दर्ज होने से लेकर सजा सुनाने तक की प्रक्रिया को तेज करना।
SOP निर्माण: पुलिस और अभियोजन पक्ष के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करना।
साक्ष्य सुरक्षा: पीड़ितों और गवाहों को सुरक्षा प्रदान करना ताकि वे बिना डर के बयान दे सकें।

सरकार द्वारा गठित यह कमेटी अपनी रिपोर्ट और नए नियमों का मसौदा अगली सुनवाई यानी 26 मार्च तक अदालत के सामने रखेगी। उम्मीद की जा रही है कि इन नए नियमों के लागू होने के बाद झारखंड में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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