चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) : जिला मुख्यालय चाईबासा में बुधवार को नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, मानकी मुंडा संघ और अन्य आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि उपायुक्त चंदन कुमार से मिलने पहुंचे। मुलाकात के दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी माहौल अचानक गर्म हो गया।
मधु कोड़ा और उपायुक्त के बीच बहसबाजी
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उपायुक्त चंदन कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच कुछ देर तक बातचीत का माहौल तनावपूर्ण रहा। हालांकि मौजूद लोगों ने बाद में स्थिति को संभालने की कोशिश की।
मीडिया पर टिप्पणी से भड़के मधु कोड़ा
जानकारी के अनुसार, इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को लेकर उपायुक्त की ओर से की गई एक टिप्पणी पर मधु कोड़ा नाराज हो गए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “नेता की बदौलत ही देश चलता है, नेता की बदौलत ही अधिकारी कुर्सी पर बैठते हैं। और मीडिया देश का चौथा स्तंभ है, उसके साथ गलत व्यवहार उचित नहीं है।”
मधु कोड़ा ने अधिकारियों को नसीहत दी कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी को पत्रकारों के प्रति असम्मानजनक रवैया नहीं अपनाना चाहिए।
क्या है मामला
दरअसल, चाईबासा शहर में नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग पिछले कई दिनों से उठ रही है। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने से जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बढ़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर आदिवासी संगठनों और स्थानीय नेताओं ने उपायुक्त से मिलकर समाधान की मांग की।
बैठक में मौजूद रहे कई संगठन
बैठक में मानकी मुंडा संघ के प्रतिनिधियों के अलावा कई अन्य आदिवासी संगठन और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए जल्द से जल्द नो एंट्री व्यवस्था लागू की जाए।


