Wednesday, July 22, 2026

रिम्स के डीआईजी मैदान जमीन घोटाला मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई टली

रांची : राजधानी के बरियातू स्थित रिम्स के डीआईजी ग्राउंड की लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन की अवैध खरीद बिक्री मामले में जेल में बंद दो आरोपियों राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक की जमानत याचिका पर रांची की एसीबी स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट के पिछले निर्देश के आलोक में जांच एजेंसी ने केस डायरी प्रस्तुत की. कोर्ट ने केस डायरी का अवलोकन करने के लिए जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी. एसीबी ने इन दोनों आरोपी समेत दो अन्य को पिछले महीने गिरफ्तार किया था.

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फर्जी वंशावली तैयार की 

मामले की छानबीन कर रही जांच एजेंसी एसीबी ने अपनी जांच में पाया कि गिरफ्त में आए मुख्य आरोपियों में फर्जी वंशावली तैयार करने वाले कार्तिक बड़ाईक, राज किशोर बड़ाईक के अलावा चेतन कुमार और राजेश कुमार झा शामिल हैं. जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन भू-माफियाओं ने मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची थी. इन्होंने वर्ष 1964-65 में रिम्स अस्पताल के लिए अधिग्रहित की जा चुकी सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनी निजी पारिवारिक संपत्ति घोषित कर दिया.

इसके बाद आरोपियों ने शातिर तरीके से इस बेशकीमती सरकारी भूमि को निजी बिल्डरों को करीब 31 लाख रुपये में बेच डाला था. इस पूरे सिंडिकेट और जालसाजी को लेकर एसीबी ने कांड संख्या 1/2026 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की है. फर्जी तरीके से वंशावली और दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन बेचने के इस बड़े खेल में करीब 16 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी अब जांच एजेंसी के रडार पर आ चुके हैं. राजस्व विभाग और अंचल कार्यालय के इन कर्मियों पर भू-माफियाओं को गलत तरीके से मदद पहुंचाने का आरोप है.

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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