Thursday, May 28, 2026

झारखंड में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीएम हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को दिए कई अहम निर्देश

रांची: सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय, रांची में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने विभाग की योजनाओं, विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की सभी शैक्षणिक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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सरकारी स्कूलों में बढ़ रही सुविधाएं

बैठक में सीएम ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में आधारभूत ढांचे और आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के परीक्षा परिणामों में लगातार सुधार हो रहा है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि छात्रों का रिजल्ट और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों का परिणाम कमजोर है, वहां विशेष सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सभी रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों के सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूरे किए जाएं ताकि उन्हें समय पर वेतन मिल सके।

ड्रॉप आउट मामलों में झारखंड बेहतर

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि राज्य में ड्रॉप आउट यानी स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। शिक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों का दोबारा नामांकन कराया जा रहा है। श्रम विभाग के सहयोग से उन बच्चों की पहचान भी की जा रही है जो मजदूरी या अन्य कामों के कारण शिक्षा से दूर हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट और आईसीटी लैब की सुविधा बेहतर बनाई जाए।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अगले 6 से 8 महीने के भीतर यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे न चले। उन्होंने स्थानीय योग्य युवाओं, खासकर छात्राओं को शिक्षक के रूप में जोड़ने पर भी जोर दिया।

विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा

मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चे समय पर स्कूल पहुंच सकें। साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूल परिसरों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने को भी कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में लगभग 4 हजार वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा, भोजन और आवास की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए नया विद्यालय

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही है और राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रांची के जगुआर कैंपस में बनने वाले विद्यालय की योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर इस परियोजना की डीपीआर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा।

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