खेल डेस्क : बुधवार देर रात फुटबॉल वर्ल्ड कप-2026 के दूसरे सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना ने रोमांचक मुक़ाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में जगह बना ली. अब अर्जेंटीना का सामना 19 जुलाई को न्यू ज़र्सी में स्पेन से होगा. ऐसा पहली बार होगा जब फ़ीफ़ा रैंकिंग में शीर्ष दो टीमें ही विश्व कप के खिताबी मुकाबले में आमने सामने होंगी. वहीं चैंपियन रहते लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाला अर्जेंटीना दुनिया का छठा देश है.
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अर्जेंटीना की शानदार वापसी
अटलांटा में खेले गए मुक़ाबले में इंग्लैंड ने एंथनी गॉर्डन के गोल की बदौलत 85वें मिनट तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी. लेकिन, मैच के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए बाज़ी पलट दी. 85वें मिनट के बाद लियोनेल मेसी के शॉर्ट कॉर्नर पर एंजो फ़र्नांदेज़ ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. इसके बाद इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी के सटीक क्रॉस पर लॉटारो मार्टिनेज़ ने शानदार हेडर के ज़रिए विजयी गोल दाग दिया और अर्जेंटीना को 2-1 से जीत दिलाकर फ़ाइनल का टिकट पक्का कर दिया.
सातवां वर्ल्ड कप फ़ाइनल
19 जुलाई को टीम का सातवां वर्ल्ड कप फ़ाइनल होगा. अर्जेंटीना इससे पहले 1978, 1986 और 2022 में वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम कर चुका है.
विवादों में घिरी अर्जेंटीना टीम
सेमीफ़ाइनल में जीत दर्ज करने के बाद जश्न मनाने के दौरान अर्जेंटीना की टीम विवादों में घिर गई है. मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक ऐसा बैनर प्रदर्शित किया, जिसे फ़ीफ़ा के नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है. मैच के बाद खिलाड़ियों ने जो बैनर दिखाया, उस पर लिखा था, “माल्विनास, जिसे फ़ॉकलैंड द्वीप कहा जाता है, वह अर्जेंटीना का है.” इस संदेश को राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जा रहा है.
दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन का नियंत्रण है, जबकि अर्जेंटीना इन द्वीपों पर अपना दावा जताता रहा है और उन्हें ‘माल्विनास’ के नाम से संबोधित करता है. इसी विवाद को लेकर वर्ष 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ था.
क्या कहता है फ़ीफ़ा का नियम
अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा और इंटरनेशनल फ़ुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) के नियमों के अनुसार, मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक नारे, बयान या प्रतीकों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है. ऐसे में इस विवादित बैनर के प्रदर्शन को लेकर अर्जेंटीना फ़ुटबॉल टीम पर फ़ीफ़ा की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है.


