न्यूज डेस्क: तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और डीएमके विधायक उदयनिधि स्टालिन ने फिर से सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने विधानसभा में कहा कि सनातन, जिसने लोगों को बांटने का काम किया, उसे खत्म कर देना चाहिए. संभावना है कि उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ सकती है.
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संबोधन में बोले उदयनिधि
उदयनिधि ने अपने संबोधन में राजनीतिक शिष्टाचार और सहयोग की बात की. जिसमें उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उनके नेता समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दी थीं, यही सौहार्द विधानसभा के भीतर भी दिखना चाहिए. सत्ता पक्ष और विपक्ष अलग-अलग पंक्तियों में जरूर बैठते हैं, लेकिन तमिलनाडु के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए.
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वंदे मातरम को लेकर बोले
उदयनिधि ने विधानसभा में तमिलनाडु राज्य गीत को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि विपक्षी दलों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि राज्य गीत वंदे मातरम् के बाद बजाया गया. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां वंदे मातरम् नहीं बजाया गया था और सभी यह जानते हैं कि वहां के राज्यपाल कौन हैं.
उनकी सरकार से मांग है कि भविष्य में तमिलनाडु के राज्य गीत को कभी दूसरा स्थान न दिया जाए. इस दौरान उदयनिधि ने यह भी कहा कि वे और मुख्यमंत्री दोनों ने एक ही कॉलेज में पढ़ाई की है. वे अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करना चाहते हैं. इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री से उम्मीद करते हैं कि वे विपक्ष के सुझावों को भी स्वीकार करेंगे.




