नई दिल्ली : ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर संसद में चर्चा जारी है. मंगलवार को राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘कांग्रेस ने तुष्टिकरण के तहत वंदे मातरम के दो टुकड़े किए’. उन्होंने कहा, “जब वंदे मातरम के पचास साल हुए, देश आजाद नहीं हुआ था. जब स्वर्ण जयंती हुई, 1937 में, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने वंदे मातरम के दो टुकड़े करके उसको दो अंतरों तक सीमित करने का काम किया.”
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अमित शाह ने कहा, “पचासवें पड़ाव पर वंदे मातरम को सीमित कर दिया गया. वहीं से तुष्टिकरण की शुरुआत हुई और वो आगे देश के विभाजन में बदली. अगर तुष्टिकरण के तहत वंदे मातरम के दो टुकड़े नहीं करते तो देश का बंटवारा नहीं होता.”
इंदिरा गांधी की सदन में चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “जब यह सौ साल का हुआ तो वंदे मातरम बोलने वाले लोगों को इंदिरा जी ने जेल में डाल दिया. इस देश में आपातकाल लगाया गया. विपक्ष के लाखों लोगों को, समाजसेवियों को, स्वयंसेवी संगठनों को जेल में भर दिया गया. पूरे देश को बंदी बनाकर रख दिया गया.”
इसके अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा को लेकर अमित शाह ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने से नहीं डरती. उन्होंने कहा, “संसद का बहिष्कार हम नहीं करते हैं. कोई भी मुद्दा हो हम चर्चा के लिए तैयार हैं.” बता दें कि इससे पहले सोमवार को लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा हुई. चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. उन्होंने भी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर निशाना साधा था. कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने नेहरू के ज़िक्र पर जवाब दिया था.


