Thursday, July 23, 2026

धुर्वा से लापता अंश अंशिका की बरामदगी को लेकर डीजीपी तदाशा मिश्रा का बड़ा खुलासा, होगी ये कार्रवाई

रांची : झारखंड पुलिस ने त्वरित और व्यापक कार्रवाई करते हुए अपहृत बालक अंश कुमार (5 वर्ष) और अंशिका कुमारी (4 वर्ष) को सकुशल बरामद कर लिया है। दोनों बच्चों को चितरपुर (रामगढ़) से आज सुबह सुरक्षित निकाला गया। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनका संबंध एक अंतर्राज्यीय गिरोह से बताया जा रहा है। यह कार्रवाई झारखंड पुलिस द्वारा महानिदेशक-सह-पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में की गई। बच्चों के अपहरण को लेकर धुर्वा थाना में 03 जनवरी 2026 को पिता सुनील कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

12 राज्यों में भेजी गई थीं पुलिस टीमें

बच्चों की तलाश के लिए झारखंड पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 12 राज्यों में पुलिस टीमें भेजी गईं। जांच के दौरान 500 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया गया और 5,000 से ज्यादा वाहनों का सत्यापन किया गया।

सोशल मीडिया की मदद

पुलिस ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए बच्चों की तस्वीरें और जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की। सूचना देने वालों के लिए प्रति बच्चे 2 लाख रुपये, कुल 4 लाख रुपये इनाम की घोषणा की गई। इस दौरान पुलिस को रोजाना 1,000 से ज्यादा कॉल मिले, जिनकी जांच की गई। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए गए। ड्रोन कैमरे से संदिग्ध और दूरदराज इलाकों की निगरानी की गई और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई।

अंतर्राज्यीय गिरोह की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, इस अपहरण के पीछे अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों और ठिकानों की पहचान कर लगातार छापेमारी की जा रही है।

माता-पिता ने की बच्चों की पहचान

बरामदगी के बाद बच्चों को उनके माता-पिता के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उनकी पहचान की। पुलिस के मुताबिक दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। झारखंड पुलिस ने कहा है कि वह आम जनता की सुरक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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