नई दिल्ली: फिल्म पोन्नियिन सेलवन-2 के गीत वीरा को लेकर चल रहे विवाद में अहम मोड़ आया है। मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान ने सुप्रीम कोर्ट में सहमति जचाई है की क्रेडिट सूची में डागर परंपरा के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ जूनियर डागर ब्रदर्स का नाम जोड़ा जाएगा।
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क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2023 में शुरू हुआ था, जब ध्रुपद गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने आरोप लगाया कि वीरा राजा वीरा गीत में उनके परिवार की पुरानी ध्रुपद रचना शिवा स्तुति का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया है। उनका कहना था कि गीत की ताल, लय और भाव मूल रचना से मिलते-जुलते हैं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसका नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत कर रहे थे, ने निर्देश दिया कि फिल्म के निर्माताओं और ए.आर. रहमान को पांच सप्ताह के भीतर सभी सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर क्रेडिट सूची में डागर परंपरा के संगीतज्ञों का नाम जोड़ना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सहमति का मुख्य कॉपीराइट मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा और केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
रहमान के वकील ने क्या कहा?
ए.आर. रहमान की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने अदालत को बताया कि यह सहमति बिना किसी पूर्वाग्रह के दी गई है और इससे रहमान के कानूनी अधिकार प्रभावित नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डागरवाणी ध्रुपद भारतीय शास्त्रीय संगीत की अनमोल धरोहर है। इसके योगदान को मान्यता देना जरूरी है। अदालत ने माना कि पारंपरिक संगीत को सम्मान देना सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। यह फैसला कॉपीराइट और पारंपरिक कला के सम्मान के मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भविष्य में पारंपरिक संगीत और आधुनिक रचनाओं के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब ‘वीरा राजा वीरा’ गीत में डागर परंपरा के संगीतज्ञों को आधिकारिक क्रेडिट मिलेगा। यह फैसला भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


