जमशेदपुर : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब जमशेदपुर के अस्पतालों तक पहुंच गया है। गैस आपूर्ति प्रभावित होने के कारण सदर अस्पताल में मरीजों का भोजन कोयले के चूल्हे पर बनाकर तैयार करना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल कैंटीन में इस्तेमाल होने वाली गैस खत्म हो गई। इसके बाद मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
कैंटीन कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में बड़ा कोयले का चूल्हा तैयार किया, ताकि मरीजों के भोजन की व्यवस्था जारी रखी जा सके। चूल्हे पर मरीजों के लिए नाश्ता और दोपहर का भोजन तैयार किया गया। हालांकि कोयले के चूल्हे पर भोजन बनाने में अधिक समय लगने के कारण नाश्ता और दोपहर का भोजन तय समय से कुछ देर बाद मरीजों तक पहुंच सका।
इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भोजन के लिए कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 100 से 150 मरीजों के लिए नाश्ता और भोजन तैयार किया जाता है। ऐसे में गैस खत्म होने से अस्पताल प्रबंधन के सामने अचानक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी, जिसे अस्थायी व्यवस्था के जरिए संभाला गया।


