बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित उभांव थाने के एक इंस्पेक्टर क्राइम नरेश मलिक ने एक दुष्कर्म पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाने का प्रयास किया. पुलिस अधीक्षक एसपी ओमवीर सिंह ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
Highlights:
वन दरोगा ने शादी का झांसा दे किया दुष्कर्म
जानकारी के अनुसार, रसड़ा कोतवाली क्षेत्र निवासी एक महिला ने उभांव थाने में तैनात एक वन दरोगा पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा को जेल भेज दिया था. मामले की विवेचना और चार्जशीट लगाने के दौरान इंस्पेक्टर क्राइम नरेश मलिक ने पीड़िता से संपर्क बढ़ाया. आरोप है कि उसने अपनी सारी हदें पार करते हुए पीड़िता से अश्लील बातें करना शुरु कर दी.
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इंस्पेक्टर ने पीड़िता से की अश्लील बातें
पीड़िता ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और कहा कि इंस्पेक्टर नरेश मलिक उसे बार-बार फोन कर मिलने के लिए दबाव डालता था. वहीं वायरल ऑडियो और शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर ने पीड़िता से कहा, मुझसे मिल लो, 2 मिनट में चार्जशीट लग जाएगी. वह मुकदमे को जल्द निपटाने और चार्जशीट फाइल करने के नाम पर अश्लील सौदेबाजी की कोशिश कर रहा था. पीड़िता ने इंस्पेक्टर की अश्लील बातों को अपने फोन पर रिकॉर्ड कर लिया और डीआईजी आजमगढ़ को ऑडियो भेजकर अपने लिए सुरक्षा और न्याय की मांग की.
सीओ ने मामले की पुष्टि की
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बलिया ने तत्परता दिखाई. शुरुआत में 1 अप्रैल को इंस्पेक्टर नरेश मलिक को उभांव थाने से हटाकर साइबर सेल में स्थानांतरित कर दिया गया, ताकि वह विवेचना को प्रभावित न कर सके. इस मामले की विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी रसड़ा आलोक गुप्ता को सौंपी गई थी. जहां सीओ ने इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों और ऑडियो के सत्यता की पुष्टि की.
एसपी ने किया निलंबित
रिपोर्ट के बाद एसपी ओमवीर सिंह ने इंस्पेक्टर नरेश मलिक को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के कड़े आदेश दिए है. वहीं अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ल ने कहा की पुलिस महकमे में ऐसे आचरण के लिए कोई स्थान नहीं है. जांच के बाद नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और पीड़िताओं के प्रति उनके इस तरह के गलत व्यवहार पर कई गंभीर सवाल खड़े है. एक महिला पहले से ही शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की शिकार थी और वह न्याय के लिए थाने पहुंची तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाया. फिलहाल इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और अन्य पुलिसकर्मियों ने इस मामले को सबक के रुप में लिया.


