नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर की गई है, जबकि डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दी गई है. वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में 26 मार्च को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें मंत्रालय ने बताया कि ये शुल्क कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ यह कदम एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी जैसी तेल कंपनियों की मदद के लिए उठाया गया है.
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पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने के सवाल पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है. मनीष तिवारी ने कहा है, “मैंने हरदीप सिंह पुरी जी का बयान देखा. सरकार के पास जो राजस्व आता है वो लोगों की जेब से ही तो आता है. लोग जो टैक्स देते हैं उसी से तो सरकार का राजस्व आता है. अगर सरकार ने एक्साइज़ ड्यूटी कम की है तो सरकार कोई अपनी जेब से पैसा थोड़े ही दे रही है.”
मनीष तिवारी का कहना है, “हरदीप सिंह पुरी जी का बयान तो ऐसा है जैसे कि वो अपनी जेब से निकाल के पैसे दे रहे हों. एक बहुत ही असामान्य परिस्थिति दुनिया में बनी हुई है और सरकार ने एक्साइज़ ड्यूटी कम कर दी है तो उसे इतना जताने की क्या ज़रूरत है.”
वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार के इस फ़ैसले को ‘चोरी का पकड़ा’ जाना कहा है. प्रमोद तिवारी ने कहा,”साल 2014 में जब कांग्रेस की सरकार थी तो उस समय पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी 9.48 रुपए प्रति लीटर थी. यह आज क़रीब 33 रुपए प्रति लीटर हो गई. डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी उस समय के 3.56 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 31.8 कर दी गई. जनता से लूटे गए क़रीब 28 लाख करोड़ रुपए में आज वे कम कर रहे हैं, यानी लूट करके थोड़ी सी रियायत देना.”


