हजारीबाग : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और बड़कागांव की पूर्व विधायक निर्मला देवी को गुरूवार को हिरासत में लिए जाने को लेकर काग्रेंस ने सवाल खड़ा किया है। हजारीबाग डीसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि बड़कागांव की जनता के साथ पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही थी। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत भूमि अधिग्रहण के कानून के खिलाफ अपने समर्थकों के साथ उन्हें धरना स्थल से पुलिस ने हिरासत में लिया, जो ठीक नहीं है।
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उन्होने कहा कि एनटीपीसी जब यहां नहीं आया था तो हम लोग खुश थे। लेकिन एनटीपीसी जब से यहां आया है हमारी जमीन चली गई, मुआवजा भी नही दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने दोनों नेताओं को रिहा करने की प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि तत्काल उन्हे रिहा किया जाए।वहीं प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा के योगेंद्र साव और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया के माध्यम से डीसी से पूछना चाहता हूं कि क्या 2013 के कानून का पालन किया है या नहीं किया? कांग्रेस पार्टी ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट स्पष्ट रूप से अभी तक नहीं आई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दें दखल : अंबा प्रसाद
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव के साथ उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी केरेडारी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ उनके पांच समर्थकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस हिरासत में लिये जाने के बाद योगेंद्र साव की बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद पगार ओपी पहुंची और फेसबुक लाइव कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में दखल देने की मांग की।


