भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग के मामले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और व्हिप उल्लंघन का गंभीर मामला बताया है।
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राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग
16 मार्च को हुए ओडिशा में राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान कांग्रेस के तीन विधायकों मेंसोफिया फिरदौस, रमेश जेना और दसरथी गोमांगो ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर वोट किया। इन विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय को समर्थन दिया, जिससे कांग्रेस और बीजद के संयुक्त उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।
पार्टी ने लिया सख्त निर्णय
INC ने तीनें विधायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बयान जारी कर कहा कि इन विनधायकों ने पार्टी के आधिकारिक व्हिप का उल्लंघन किया है, जो अनुशासन के खिलाफ है। पार्टी ने यह भी कहा कि उन्होंने न केवल निर्देशों की अवहेलना की, बल्कि पार्टी की विचारधारा के विपरीत काम किया। पार्टी सूत्रों के अनुसीर, इस मामले में आगे भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। तीनों विधायकों को पार्टी से निष्कासित करने पर भी विचार किया जा रहा है। कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष अरविंद दास ने बताया कि पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है।
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प्रदेश अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने क्रॉस वोटिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि इसकी जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दे दी गई है। उन्होंने इस घटना पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। साथ ही उन्होंने कहा कि निलंबित विधायकों को अब विधानसभा में पार्टी के अन्य विधायकों के साथ बैठने की अनुमति नहीं होगी। इस घटना के बाद ओडिशा की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में राज्य की सियासत पर भी पड़ सकता है। क्रॉस वोटिंग की इस घटना ने एक बार फिर पार्टी अनुशासन और राजनीतिक निष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


