देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मर्डर केस की सीबीई जांच कराने की सिफ़ारिश की है. अंकिता भंडारी मामले में लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी. विपक्षी दल और सामाजिक संगठन लगातार इस मामले की नई और स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे थे.
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शुक्रवार को सीएम धामी ने कहा, “मैंने उनके (अंकिता भंडारी के) माता-पिता से बात की. उन्होंने कहा सीबीआई जांच होनी चाहिए. हम इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर रहे हैं.” सीएम धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने एसआईटी बनाकर कार्रवाई की थी.
उन्होंने बताया, “सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई. अदालत ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर आए ऑडियो के संबंध में अलग-अलग एफ़आईआर दर्ज की गई है. इसकी जांच जारी है.” सीएम धामी ने कहा, “कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक स्थिति पैदा करने का प्रयास किया है. सरकार का दायित्व है कि जनता को इस स्थिति से निकाला जाए उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाए.”
फ़ैसले पर बोली कांग्रेस
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, “सरकार ने सीबीआई जांच की मांग मानकर यह साबित किया है कि उसने अतीत में ग़लतियां की हैं. यह प्रदेश के तमाम लोगों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और अंकिता के माता पिता के सब्र और संघर्ष का ही परिणाम है कि सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं.”
“लेकिन इस सीबीआई जांच में यह भी देखना होगा कि क्या इस जांच का जिम्मा सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज को सौंपा गया है या नहीं. हम यह मांग करते हैं कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जस्टिस की देखरेख में हो.”
राहुल गांधी का बीजेपी पर निशाना
इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों पर कई सवालों के ज़रिए निशाना साधा है. राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया, “देश भर में “भ्रष्ट” जनता पार्टी की डबल इंजन सरकारों ने जनता की ज़िंदगी तबाह कर दी है..उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया. लेकिन सवाल आज भी वही है कि सत्ता का संरक्षण बीजेपी के किस वीआईपी को बचा रहा है? कानून सबके लिए बराबर कब होगा?”
हालाँकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था, “उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम किया है.” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है.
2022 में हुई थी घटना
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र के वनंतरा टूरिस्ट रिसोर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. साल 2022 में उनकी हत्या हो गई थी. इस मामले में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी ठहराया गया था और अब वे जेल में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे हैं.


