न्यूज डेस्क : आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बलों के साथ माओवादियों की हुई मुठभेड़ में कुख्यात मोस्ट वांटेड माओवादी हिडमा अपनी पत्नी व पांच अन्य साथियों के साथ ढेर हो गया है. हिड़मा देश के सबसे खतरनाक और हाई-प्रोफाइल माओवादी कमांडरों में गिना जाता था. उस पर पिछले 15 सालों में सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े और घातक हमलों को अंजाम दिया था. उसकी मौत से माओवादी संगठन को बड़ा नुकसान माना जा रहा है. यह मुठभेड़ सुकमा से सटे आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम जिले के पास हुई.
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हिडमा को कई बड़े नक्सली हमलों का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता है. 2010 के दंतेवाड़ा हमले में 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. 2013 के झीरम घाटी हमले में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत 27 लोगों की जान गई थी. वहीं 2021 के सुकमा-बीजापुर हमले में 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए.
एनकाउंटर में उसकी पत्नी राजे भी मारी गई. 43 साल का हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 का सुकमा हमला सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था. छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर के जंगलों में यह बड़ा एनकाउंटर हुआ. आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले के मारेदुमिल्ली के पास सुबह 6 से 7 बजे के बीच सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच फयरिंग हुई. इसमें कुल 6 नक्सली मारे गए.
इनमें साउथ बस्तर बटालियन (CCM मेंबर) माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे, लकमल, कमलू, मल्ला, देवे (हिडमा का गार्ड) शामिल हैं. सुरक्षाबलों ने मारे गए नक्सलियों से दो AK47, 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल बरामद की है. पिछले कुछ हफ़्तों से, AP SIB और इंटेलिजेंस इनपुट्स ने खास तौर पर AP-छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर के पास नक्सलियों के मूवमेंट का इशारा किया है और उसी इनपुट्स पर यह ऑपरेशन किया और यह सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली. कॉम्बिंग ऑपरेशन अभी भी चल रहे हैं.
अमित शाह ने दी सुरक्षाबलों को बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों को 30 नवंबर 2025 तक हिडमा को मार गिराए जाने की डेडलाइन दी थी, जिसके बाद आज यह बड़ा ऑपरेशन हुआ है. नक्सली हिडमा के मारे जाने के बाद गृह मंत्री ने इस ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों को बधाई दी है.


