Thursday, July 23, 2026

11 मई को होगा शुभेंदु सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार, ये विधायक ले सकते हैं शपथ

बंगाल:  सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के नौवें और भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी। अब मंत्रिमंडल विस्तार की बारी है ।सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इसी दिन यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किस मंत्री को कौन सा विभाग सौंपा गया है।
सोमवार को ही नई सरकार की पहली अनौपचारिक बैठक होने की भी संभावना है, जबकि आधिकारिक कैबिनेट बैठक शुक्रवार को राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित की जा सकती है।

कौन-कौन मंत्री बने ?

दिलीप घोष बंगाल भाजपा का वह चेहरा हैं, जिन्होंने राज्य में भाजपा को मजबूती से खड़ा करने में अहम भूमिका निभाया है। 1990 के दशक के समय से ही वो प्रचार के लिए गाँव गाँव में घूमते रहे हैं, जिसके कारण उनका लोगों से जुड़ाव बढ़ गया। 2015 में वह पहली बार बंगाल भाजपा के अध्यक्ष बने , उस वक्त पार्टी के केवल तीन विधायक थे। 2016 में खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीते। 2019 लोकसभा चुनाव में मेदिनीपुर से जीतकर संसद पहुंचे।

अग्निमित्रा पाल,फैशनिष्टा से मंत्री बनी अग्निमित्रा पाल की पहचान सड़क से विधानसभा तक उनकी आक्रामक शैली रही है। 2019 में भाजपा से जुड़ी। 2020 में बंगाल भाजपा की महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। 2021 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल दक्षिण से जीतकर पहली बार विधायक बनीं। संदेशखाली और आरजी कर अस्पताल में डाक्टर से दुष्कर्म वाले कांड में भी उन्होंने अपनी आवाज उठाई थी।

अशोक कीर्तनिया मतुआ समुदाय की आवाज अशोक कीर्तनिया बांग्लादेश के हिंदू शरणार्थी मतुआ समुदाय का प्रमुख चेहरा हैं। उनका उत्तर 24 परगना के इलाकों में भाजपा की ओर से काफी प्रमुख चेहरा है। मतुआ समुदाय के लिए वो लगातार काम करते आए हैं, ये समुदाय बंगाल की आबादी का करीब 17 प्रतिशत है। मतुआ समुदाय में उन्हें ‘हमारा आदमी’ की तरह मान्यता है।

निशिथ प्रमाणिक,छात्र राजनीति से उन्होंने अपनी शुरुआत की। शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े, फिर 2019 में भाजपा से जुड़ गए । कूचबिहार सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव जीते।  साल 2021 में मोदी सरकार में सबसे युवा मंत्री बने। उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया।

खुदीराम टुडु,आदिवासी समुदाय के लिए ये एक अहम चेहरा हैं। बांकुड़ा जिले के रानीबांध सीट से जीत मिली थी।  उनकी पहचान इससे है की वो आदिवासी समुदाय के लिए आवाज उठाते हैं, लोगों को उम्मीद है की वो बड़े रकजनीतिक मंच पर भी ऐसा करेंगे।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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