Sunday, November 1, 2026

जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित पांच गिरफ्तार, सीएम ने कहा – बख्शे नहीं जाएंगे

रांची : जेपीएससी परीक्षा में धांधली मामले में मंगलवार को JPSC कार्यालय में हुई सीआईडी की छापेमारी मामले में बुधवार को सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अलावा झारखंड सरकार के पेपर लीक से जुड़े नए कानून झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गईं हैं। वहीं सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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उप परीक्षा नियंत्रक समेत 5 गिरफ़्तार

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सीआईडी ने इस पूरे प्रकरण में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अन्य आरोपितों में जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का पूर्व मार्केटिंग मैनेजर और वर्तमान में गोड्डा जिला अंतर्गत पोड़ैयाहाट प्रखंड का बीएसओ मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के अन्य कर्मी उस्मान व एबाद शामिल हैं।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

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गिरफ़्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है। सीआईडी की टीम ने मंगलवार को रांची पुलिस के साथ मिलकर जेपीएससी कार्यालय व टीडीपीएल से जुड़े राज्य के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी।

मौके से जेपीएससी के अधिकारियों-कर्मियों के अलावा परीक्षाओं को संचालित करने वाली एजेंसी से जुड़े कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया था। इस दौरान सीआईडी ने मौके से डिजिटल साक्ष्य, अन्य दस्तावेज आदि की भी बरामदगी की थी। दस्तावेज की समीक्षा व संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही सीआइडी ने उक्त प्राथमिकी दर्ज की और पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर कार्रवाई

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वहीं सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री को 14वीं JPSC परीक्षा परिणाम में अनियमितता व पूर्व की परीक्षाओं में भी हुई अनियमितता की कई शिकायतें मिलीं थीं।

इसके बाद ही उन्होंने सीआईडी को इस पूरे प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया था। JPSC व एजेंसी के पदाधिकारियों पर जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने, वसूली, पेपर लीक, ओएमआर सीट में फेरबदल, डिजिटल टैंपरिंग व मनी लांड्रिंग की शिकायत की गई थी.

ब्लैकलिस्टेड हुई थी कंपनी टीडीपीएल

आरोपित कंपनी टीडीपीएल झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में सूचीबद्ध है और यह परीक्षा संचालित कराती है। इस कंपनी पर गंभीर अनियमितता, काम के बदले ऊंचे दर पर भुगतान मांगने आदि के आरोपों पर झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। आरोप है कि ब्लैकलिस्ट करने के बावजूद यह कंपनी जून 2025 से परीक्षाएं संचालित कराती रही। अब सीआइडी इन सभी आरोपों, शिकायतों की जांच करेगी।

एयर नाऊ स्पेशल

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