पटना : बीपीएससी की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश होने का मामला सामने आया है, हालांकि यह कोशिश सफल नहीं हुआ और मामले में नालंदा के सोहसराय थाना क्षेत्र के पीएल साहू प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केन्द्र से एक अभ्यर्थी व बायोमेट्रिक जांच करने वाली एजेंसी के दो कर्मियों को आंसर की के साथ पकड़ा गया।
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चर्चा है कि बायोमेट्रिक जांच करने वाले तकनीकीकर्मी ही पूरी साजिश के पीछे थे। गिरफ्तार लोगों में नूरसराय थाना क्षेत्र के रहने वाले बायेमेट्रिक एजेंसी के सुपरवाइजर चंदन कुमार व ऑपरेटर राहुल कुमार शामिल है। जबकि अभ्यर्थी महिला की पहचान श्वेता कुमारी के रूप में हुई है और वह पटना जिले के बहादुरपुर निवासी है। जांच अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी के कर्मियों ने बायोमेट्रिक मशीन के होलोग्राम के भीतर आंसर की छुपाकर रखा था। जैसे ही अभ्यर्थी उनके पास सत्यापन के लिए पहुंची, कर्मियों ने उसे पुर्जा दे दिया।
वहां मौजूद अधिकारियों को संदेह हुआ तो अभ्यर्थी की जांच की। जांच में उसके पास से पुर्जा बरामद हो गया। इसके बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा के पहले ही कर्मियों को सवालों के उत्तर कहां से मिल गए? नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर बताया है कि केन्द्राधीक्षक के आवेदन पर सोहसराय थाना में प्राथमिकी करायी गयी है।


