Thursday, July 23, 2026

बोकारो में रेलवे ट्रैक पुलिस ने बरामद किये तीन युवकों के शव, हत्या व आत्महत्या के गुत्थी में उलझी पुलिस

बोकारो : गुरुवार सुबह पुलिस ने बोकारो रेलवे स्टेशन से लगभग नौ किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक से तीन युवकों के शव बरामद किये हैं. रेलवे ट्रैक पर तीन शव होने की ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी के जवान शवों को देखकर हैरान रह गए. वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौते के असली कारणों की पहचान हो सके.

प्रारंभिक जांच में पुलिस को घटनास्थल पर ही एक मोटरसाइकिल भी मिली है, इसके अलावा मौके पर कुछ आधार कार्ड भी मिले हैं, जिसके आधार पर यह माना जा रहा है कि वह मृतकों के हो सकते हैं. इन आधार कार्ड के अनुसार मृतकों में एक बबलू सोरेन है, जो गोमिया प्रखंड के मडवाडीह,टीकाहारा, बरकी पुनु गांव निवासी सूरजलाल सोरेन का पुत्र है। जबकि एक अन्य की पहचान दीपक सोरेन के रूप में हुई है, वहीं तीसरे युवक के बारे में कोई जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है. हालांकि युवकों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

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जांच में जुटी पुलिस

मृतकों की पहचान व घटना के कारणों को  पुलिस आस-पास के क्षेत्रों में लापता व्यक्तियों की सूचना से तुलना कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों पहचाने गए मृतकों का आखिरी नाम “सोरेन” है, जिससे संकेत मिलता है कि वे संभवतः एक-दूसरे को जानते थे या रिश्तेदार हो सकते थे। पुलिस का अनुमान है कि तीसरे युवक के परिवार के सदस्य जल्द ही सामने आ सकते हैं और पहचान की पुष्टि हो सकती है। फिलहाल पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले घंटों में सभी तीनों की सही-सही पहचान हो जाएगी।

हत्या या आत्महत्या, सबसे बड़ा सवाल

तीन युवकों की रहस्यमय मौत ने पुरी जांच को एक नई दिशा दे दी है। मृतक बबलू सोरेन और दीपक सोरेन दोनों का आखिरी नाम एक जैसा है, जो इंगित करता है कि वे भाई या रिश्तेदार हो सकते थे। यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर वे परिवार से संबंधित थे, तो घटना की परिस्थितियां पूरी तरह बदल जाती हैं। और एक साथ कई सवाल खड़े हो जाएंगे — क्या यह एक संयोजित घटना थी? क्या सामूहिक आत्महत्या का मामला है? या फिर कोई गहरा रहस्य है? तीसरे युवक की पहचान से ही पूरा सच सामने आ सकेगा।

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एयर नाऊ स्पेशल

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