गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले से कानून और न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रेम-प्रसंग में अंधी होकर कानून को हाथ में लेने वाले दो भाइयों को अदालत ने उनके किए की सबसे सख्त सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार पांडे की अदालत ने विकास रजवार हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी सुनील रजवार और संजय रजवार को आजीवन कारावास की सजा दी है।
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क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 6 मई 2022 की आधी रात को हुई थी। जतरो बंजारी गांव का रहने वाला विकास रजवार अपनी प्रेमिका (आरोपियों की बहन) माया से मिलने गया था। विकास के पिता रामाश्रय रजवार के अनुसार, उनका बेटा रात 12 बजे घर से निकला और फिर कभी वापस नहीं लौटा। जब विकास काफी देर तक नहीं आया, तो खोजबीन शुरू हुई। पता चला कि माया के भाइयों (सुनील और संजय) ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया था। गुस्से में पागल दोनों भाइयों ने विकास को बेरहमी से पीटा और उसे अंधेरे में खींच ले गए, जहां उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
FSL रिपोर्ट से खुला राज
यह मामला पुलिस और अभियोजन पक्ष के लिए एक चुनौती था, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दोषियों को बचने का कोई रास्ता नहीं दिया। मामले में कुल 11 गवाहों ने अपनी गवाही दी। जिसके बाद घटनास्थल से मिली घड़ी, बेल्ट, लोटा और मोबाइल फोन ने पूरी कहानी बयां कर दी। इसके साथ ही FSL की जांच रिपोर्ट और तकनीकी दस्तावेजों ने कोर्ट में यह साबित कर दिया कि ये क्रूर हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी।
अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने IPC की धारा 302/34 के तहत दोनों को दोषी पाया। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर यह एक जघन्य अपराध है। उम्रकैद के साथ-साथ दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुआ कहा कि समाज में कानून से ऊपर कुछ नहीं है। अपनी बहन के निजी जीवन के फैसलों पर हिंसक प्रतिक्रिया देने वालों के लिए यह सजा एक नजीर बनेगी।


