रांची: झारखंड के बोकारो में बिजली और पानी की समस्या को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से आक्रोश रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने किया। यह रैली चास चेक पोस्ट से शुरू होकर जिला उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
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राज्य सरकार पर हमला
रैली को संबोधित करते हुए चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कामचोर और कंजूस साबित हो रही है। सरकार आम लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार इस ओर गंभीर नहीं दिख रही है।
चंपाई सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड को पर्याप्त राशि और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन राज्य सरकार उन योजनाओं और संसाधनों का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। राज्य में सभी व्यवस्थाएं अव्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रैली के दौरान जब उनसे राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका मुख्य मुद्दा जनता की बुनियादी समस्याएं हैं।
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मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल पर दिया जवाब
पश्चिम बंगाल की तरह किसी अन्य दल से आए जमीनी नेता को झारखंड में मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना से जुड़े सवाल पर चंपाई सोरेन ने कहा कि भाजपा एक बड़ा और अनुशासित संगठन है। पार्टी में सभी फैसले सामूहिक विचार-विमर्श के बाद लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
वहीं, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के सवाल पर भी चंपाई सोरेन ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।


