खेल डेस्क: भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शनिवार को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का ख़िताब जीतकर इतिहास रच दिया है. 18 वर्षीय अनाहत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं. कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में शनिवार को खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में अनाहत ने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
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16 वर्षों से मिश्र का दबदबा
अनाहत की यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पिछले 16 वर्षों से इस चैंपियनशिप का ख़िताब लगातार मिस्र के खिलाड़ियों के पास रहा था. उन्होंने मिस्र के इस लंबे वर्चस्व को समाप्त करते हुए पूरे टूर्नामेंट में फ़ाइनल तक एक भी गेम गंवाए बिना ख़िताब पर क़ब्ज़ा जमाया.फ़ाइनल से पहले भी अनाहत ने शानदार प्रदर्शन किया.
मिस्र के लगातार तीन खिलाड़ियों को हराना
उन्होंने सेमीफ़ाइनल में मिस्र की हबीबा रिज़्क को 3-1 (11-7, 11-5, 6-11, 11-9) से हराया. जबकि क्वार्टरफ़ाइनल में बार्ब सामेह को 3-1 (11-3, 8-11, 11-4, 11-6) से शिकस्त देकर अंतिम चार में जगह बनाई थी. स्क्वैश जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में मिस्र के लगातार तीन खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि माना जाता है.
फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय
अनाहत ने इस टूर्नामेंट में एक और अहम उपलब्धि अपने नाम की. वह 21 वर्षों में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं. इससे पहले वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा ने भारत की ओर से इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.


