पटना/पश्चिम चंपारण: बिहार में साइबर क्राइम के नेटवर्क की जड़ें अब देश की सीमाएं लाँघकर पाकिस्तान तक पहुँच गई हैं। हाल ही में गिरफ्तार हुए दो साइबर ठगों के कॉल डिटेल की जाँच में इसका सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस को बरामद मोबाइलों से एक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर मिला है, जिससे इस नेटवर्क के तार सीमा पार से जुड़े होने का संदेह है।
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साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद मोबाइल की गहन जाँच के लिए उसे एफएसएल (FSL) भेजा जाएगा, ताकि इस अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन की बारीकी से जाँच हो सके।
चाँदमारी चौक से हुई थी गिरफ्तारी
19 नवंबर को साइबर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नगर थाना क्षेत्र के चाँदमारी चौक पर छापेमारी की थी। इस दौरान दो साइबर फ्रॉडों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था:
गिरफ्तार आरोपी: पश्चिम चंपारण जिला के मझौलिया थाना क्षेत्र के घोडा सेमरा गाँव निवासी अमित कुमार उर्फ लड्डू कुमार और राहुल कुमार गुप्ता।
बरामदगी: बदमाशों के पास से ₹54,000 नकदी, 5 मोबाइल फोन और 2 एटीएम कार्ड बरामद किए गए थे। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आठ बदमाशों पर FIR दर्ज, नेटवर्क की जाँच जारी
यह कार्रवाई एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का हिस्सा है, जिसके संबंध में कुल 8 साइबर बदमाशों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें गिरफ्तार अमित कुमार और राहुल कुमार के अलावा संतोष यादव, अनिल यादव, आलोक यादव, संजीव यादव, औरंगजेब आलम और अभिषेक सिंह शामिल हैं।
साइबर डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले की जाँच सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है। पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद, पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि सीमा पार बैठा ‘आका’ इन साइबर अपराधियों को किस तरह की फंडिंग, तकनीक या निर्देश दे रहा था। इस खुलासे ने बिहार में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क की जटिलता को बढ़ा दिया है।


