इस्लामाबाद: ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव को कम करने के लिए इस्लामाबाद में एक अहम कूटनीतिक बैठक शुरू हो गई है। पाकिस्तान की मेजबानी में हो रही इस बैठक में सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल हुए हैं। इस पहल को क्षेत्रीय शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक के दौरान मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार से मुलाकात की। इसके अलावा इशाक डार, तुर्किये के विदेश मंत्री हकन फ़िदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
Highlights:
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात
बैठक में शामिल सभी विदेश मंत्री पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है। पाकिस्तान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। उसने ईरान को 15 सूत्रीय अमेरिकी प्रस्ताव भी सौंपा है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने, मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने, क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों से दूरी बनाने और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। ये सभी बिंदु मौजूदा तनाव को कम करने के लिए अहम माने जा रहे हैं।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी
दूसरी ओर, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली करीब 3,500 सैनिकों के साथ इस क्षेत्र में पहुंच चुका है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। इस्लामाबाद में हो रही यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो इससे ईरान संकट को कम करने में मदद मिल सकती है। अब सभी की नजर इस उच्चस्तरीय बैठक के नतीजों पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि क्या यह कूटनीतिक पहल युद्ध जैसे हालात को टालने और स्थायी शांति स्थापित करने में सफल होती है या नहीं।


