Thursday, July 23, 2026

अधूरी परियोजनाओं के बेसमेंट बने ‘मौत के कुएं’, नोएडा-ग्रेटर में 50 से ज्यादा जगहों पर जानलेवा जलभराव

दिल्ली : नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार के बीच लापरवाही की एक खतरनाक तस्वीर सामने आ रही है। जिले में 50 से अधिक अधूरी आवासीय परियोजनाओं और व्यावसायिक भूखंडों के गहरे बेसमेंट अब मौत के कुओं में तब्दील हो चुके हैं। वर्षों पहले निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते इनमें लगातार पानी जमा होता जा रहा है।

सेक्टर-150 में ऐसे ही एक जलभराव वाले बेसमेंट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद हालात में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा। कई आधी-अधूरी सोसायटियों में लोग रह रहे हैं, जहां बेसमेंट में पांच से छह फीट तक पानी भरा रहता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से इमारतों के पिलर, बीम और फाउंडेशन कमजोर हो रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बढ़ गया है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रेडिकान वेदांतम सोसायटी में 550 से अधिक परिवार रहते हैं, लेकिन यहां बेसमेंट लगातार जलमग्न है। बारिश के दौरान कई सोसायटियों की बेसमेंट पार्किंग तालाब में बदल जाती है, जिसमें दर्जनों कारें और बाइकें डूब जाती हैं। लिफ्टों में पानी भरने से वे बार-बार खराब हो रही हैं। आम्रपाली समेत कई परियोजनाओं में यह समस्या वर्षों से बनी हुई है।

स्थिति राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी के नियमों का खुला उल्लंघन है, जिसमें निर्माण स्थलों पर जलभराव रोकने और सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके, प्राधिकरण की ओर से बिल्डरों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। कई भूखंडों में निर्माण रुकने के बाद भी गड्ढों को न तो भरा गया और न ही सुरक्षित किया गया। नोएडा सेक्टर-32 के सिटी सेंटर, सेक्टर-150 के करीब 50 एकड़ क्षेत्र, सेक्टर-94 की सुपरनोवा, जेपी विशटाउन, सुपरटेक ईकोविलेज और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई परियोजनाओं में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ये जलभराव वाले बेसमेंट और भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर