Thursday, May 28, 2026

आदिवासी समागम के विरोध पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार, कहा – कांग्रेस अपनी दुकानदारी बंद होने से चिंतित और हताश

रांची : दिल्ली में हो रहे आदिवासी समागम का कांग्रेस द्वारा विरोध करने पर पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गढ़वा दौरे के दौरान कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समागम के आयोजन से भला कांग्रेस के पेट में दर्द क्यों? साफ है कि देश भर में अपनी दुकानदारी बंद होने से कांग्रेस चिंतित और हताश है।

इसे भी पढ़ें : झारखंड प्रशासनिक सेवा के 147 अधिकारियों का ट्रांसफर, झारखंड पुलिस सेवा के डीएसपी रैंक के 12 अधिकारी भी बदले गए

लोकतंत्र में मिला अधिकार

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी संगठन चाहे वह सामाजिक हो या राजनीतिक, हर किसी को अपनी मांग को लेकर प्रखंड, जिला, प्रदेश या देश की राजधानी में धरना, प्रदर्शन, सम्मेलन, जुलूस करने की स्वतंत्रता है, उनको यह अधिकार मिला हुआ है। यह समझ से परे है कि कांग्रेस इसका क्यों विरोध कर रही है। अगर कोई संगठन अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन या सम्मेलन कर रहे हैं और इससे किसी को आपत्ति हो रही है तो स्वाभाविक है वह अपनी बंद होती दुकानदारी से चिंतित है।

आरएसएस विदेश का संगठन नहीं

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अनुसूचित जनजाति सुरक्षा मार्च, अनुसूचित जनजाति भाई बहनों के हितों की रक्षा के लिए बना हुआ है। उनकी रक्षा या सुरक्षा में कहीं कोई चूक हो रही है और वे सरकार के समक्ष धरना प्रदर्शन या सम्मेलन कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी को दर्द नहीं होनी चाहिए। जहां तक आरएसएस को मंच पर बुलाने की बात है तो आरएसएस कोई विदेश का संगठन नहीं है और ना ही देशद्रोहियों का संगठन है बल्कि यह देशभक्तों का संगठन है। अगर देशभक्तों के संगठन से कोई अन्य संगठन जुड़ना चाहता है या जुड़ा हुआ है तो इसका स्वागत होना चाहिए।

एयर नाउ स्पेशल

तमिलनाडु, केरल और बंगाल में सत्ता संभालते ही अलग...

न्यूज डेस्क: देश के कई राज्यों में नई सरकारों ने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुद को अलग दिखाने की...
- Advertisement -spot_img
App Logo

Download Our App

Download Now ➥

ट्रेंडिंग खबर