जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं में स्वर्णरेखा नदी तट के किनारे द्वितीय विश्व युद्ध काल के दो भारी भरकम बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (डिफ्यूज) करने के लिए सेना और स्थानीय प्रशासन की टीम संयुक्त रूप से कार्रवाई में जुटी हुई है। मंगलवार को पूरे दिन सेना की विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंच स्थिति का आकलन किया और ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। बम की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है। आम लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही ऐतियातन नजदीकी कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों की उड़ान भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है.
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रांची की 51 इंजीनियर रेजिमेंट को कमान
इस संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए रांची की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की बम निरोधक टीम को तैनात किया गया है। ऑपरेशन का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह कर रहे हैं। टीम में नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज जैसे अनुभवी जवान शामिल हैं।
टीम ने बम की स्थिति, आसपास के भौगोलिक हालात और नदी के बहाव का बारीकी से अध्ययन किया है। बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों का मजबूत घेरा तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीन के अंदर करीब 10 फीट गहरा विशेष गड्डा बनाया गया है, ताकि विस्फोट का असर नीचे ही सीमित रहे और आसपास किसी प्रकार की क्षति न हो।फिलहाल दोनों बमों को नदी के अंदर दबाकर सुरक्षित रखा गया है और विशेषज्ञ टीम किसी भी समय डिफ्यूज प्रक्रिया शुरू कर सकती है।


