Thursday, July 23, 2026

कनाडा में फिर भड़की भारत-विरोधी गतिविधियां, खालिस्तान समर्थकों ने कई शहरों में किए प्रदर्शन

विदेश : कनाडा में खालिस्तान समर्थकों द्वारा भारत के खिलाफ विरोध और उग्र गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। बीते कुछ दिनों में सरे, वैंकुवर, ओटावा और मॉन्ट्रियल जैसे शहरों में खालिस्तान समर्थकों ने अलग-अलग जगहों पर भारत-विरोधी रैलियां निकालीं और उकसाने वाले नारे लगाए। इन प्रदर्शनों ने स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

PM मोदी का पुतला और भारत-विरोधी नारे

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ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में खालिस्तान समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र हुए। उनके हाथों में हरदीप सिंह निज्जर के पोस्टर और होर्डिंग्स थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला बनाकर उस पर लिखा इसने हरदीप निज्जर को मारा। न केवल इतना, बल्कि PM मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को हिंदू आतंकवादी कहते हुए नारे भी लगाए गए।

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यह प्रदर्शन एक हिंदू मंदिर के बाहर भी हुआ, जिससे वहां आए श्रद्धालुओं को असुविधा हुई। स्थानीय निवासियों ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यदि खालिस्तान समर्थकों को भारत सरकार से विरोध है, तो मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर नारेबाजी क्यों की जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा कर वे डर का माहौल बना रहे हैं।

वैंकुवर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विरोध

वैंकुवर में खालिस्तान समर्थकों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक पुराने बयान को लेकर प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिंध हमारा है। यहां भी प्रदर्शनकारियों ने भारत-विरोधी और पाकिस्तान-समर्थक नारे लगाए। कई लोगों के हाथों में पाकिस्तान का झंडा भी दिखाई दिया। वीडियो में खालसा दीवान सोसाइटी वैंकुवर कनाडा का नाम दिखाई देता है, जो इस आयोजन से जुड़ा माना जा रहा है।

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ओटावा में अवैध जनमत संग्रह और हिंसक नारेबाजी

ओटावा में हाल ही में गैरकानूनी खालिस्तान जनमत संग्रह का आयोजन किया गया, जिसमें आयोजकों के अनुसार लगभग 53,000 लोग विभिन्न प्रांतों से वोट डालने पहुंचे। मैकनैब कम्युनिटी सेंटर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य भारतीय नेताओं के खिलाफ मार डालो-मार डालो जैसे खतरनाक नारे लगाए। इससे सुरक्षा एजेंसियों में भी चिंता बढ़ी है। इस आयोजन के दौरान आतंकवादी और SFJ (Sikhs For Justice) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सैटेलाइट के जरिए लोगों को संबोधित किया।

इससे पहले की घटनाएं

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मार्च 2024, कॅलगरी के खालिस्तानी समर्थकों ने तलवारों और भालों से भारत के तिरंगे को काटा। बैसाखी परेड, अप्रैल 2025 (सरे) में भारतीय झंडे को जमीन पर घसीटा गया। नवंबर 2025, मॉन्ट्रियल में 500 से अधिक कारों की रैली में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे। 15 नवंबर 2025, ओटावा को भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के आवास के बाहर कार रैली निकाली गई, जिसमें एयर इंडिया बम धमाके के दोषी संतोख सिंह खेड़ा ने भी भाग लिया। इन घटनाओं से यह साफ है कि कनाडा में कट्टरपंथी तत्व लगातार भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

निज्जर की मौत को लेकर खालिस्तानियों का आरोप

हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हत्या के बाद से खालिस्तान समर्थक लगातार यही दावा करते रहे हैं कि भारतीय एजेंसियों ने साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया। प्रदर्शनों में अक्सर निज्जर को शहीद बताया जाता है और भारत को दोषी ठहराया जाता है। खालिस्तानियों का कहना है कि वे निज्जर के परिवार को इंसाफ दिलाने तक ये अभियान जारी रखेंगे।

कनाडाई सरकार पर सवाल

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इन गतिविधियों के बीच खालिस्तान समर्थक कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर भी निशाना साध रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कनाडा में भारत-विरोधी आंदोलन चल रहा है, तब PM कार्नी ने दक्षिण अफ्रीका में G-20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात क्यों की।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने इन प्रदर्शनों और जनमत संग्रह को अवैध बताया है और कहा कि कनाडा की धरती का इस्तेमाल भारत की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। भारत पहले भी कई बार कनाडा सरकार से इन गतिविधियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग कर चुका है।

कई कनाडाई नागरिक भी खालिस्तान समर्थकों की इस उग्र राजनीति से परेशान हैं। धार्मिक स्थलों पर नारेबाजी, सार्वजनिक जगहों पर उकसाने वाले पोस्टर और हिंसक भाषण कनाडा की सामाजिक शांति को भी प्रभावित कर रहे हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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