रांची: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में रांची पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने बिहार के सहरसा जिले में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमृत राज उर्फ बुलबुल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अमृत मूल रूप से बिहार के सहरसा का रहने वाला है और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। रांची पुलिस के मुताबिक, पहले पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान अमृत राज का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। विशेष टीम लगातार उसके ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अमृत अपने घर सहरसा आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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कब और कैसे हुआ था खुलासा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रांची लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। रांची के हेडक्वार्टर डीएसपी-1 अमर पांडेय ने बताया कि पेपर लीक मामले में अमृत की भूमिका सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई है। गौरतलब है कि 11 अप्रैल को रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र स्थित रडगांव के एक अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में पुलिस ने छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने सॉल्वर गैंग के सदस्यों समेत 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाए जा रहे थे। आरोपियों ने दावा किया था कि 12 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में वही सवाल पूछे जाएंगे।
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अभ्यर्थियों से लिए गए थे लाखों रुपए
पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि इस पूरे खेल के बदले अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख रुपये तक वसूले गए थे। मामले के खुलासे के बाद से पुलिस लगातार इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमृत राज से पूछताछ में पेपर लीक गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।


