कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नवगठित भाजपा सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए अपनी सबसे बड़ी वित्तीय सहायता योजना अन्नपूर्णा भंडार योजना की औपचारिक शुरुआत कर दी है। बुधवार (1 जुलाई 2026) को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की 1 करोड़ 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में योजना की पहली किस्त के रूप में 3,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की। जिसका कुल योग 3,300 करोड़ रुपये है।
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1.60 करोड़ में से 27 लाख आवेदन रिजेक्ट, सीएम ने बताई वजह
योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं को बड़ी सौगात तो दी, लेकिन साथ ही आवेदनों की स्क्रूटनी को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा भी किया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंच से संबोधित करते हुए बताया कि इस महायोजना के लिए पूरे राज्य से कुल 1.60 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे। हालांकि, गहन जांच-पड़ताल के बाद इनमें से 27 लाख आवेदनों को खारिज कर दिया गया है।
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आवेदनों को इतनी बड़ी संख्या में रिजेक्ट किए जाने के पीछे का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इन आवेदकों की नागरिकता और निवास संबंधी दस्तावेजों में गंभीर संदेह और विसंगतियां पाई गईं।
“भारतीय करदाताओं का पैसा विदेशियों को नहीं दे सकते” — शुभेंदु अधिकारी
27 लाख आवेदनों को खारिज करने के अपनी सरकार के फैसले को पूरी तरह सही और न्यायसंगत ठहराते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा: “पश्चिम बंगाल और भारत के ईमानदार करदाताओं की गाढ़ी कमाई का धन हम किसी भी स्थिति में गैर-भारतीयों या अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को नहीं बांट सकते। सरकारी खजाने और संसाधनों पर पहला हक देश के वैध नागरिकों का है, इसीलिए आवेदनों की इतनी गहन और बारीकी से जांच करना बेहद जरूरी था।”
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ममता सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ की जगह आई ‘अन्नपूर्णा भंडार’, दोगुनी हुई राशि
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना को बंद कर उसकी जगह इस नई अन्नपूर्णा भंडार योजना की शुरुआत की है। सरकार ने न सिर्फ योजना का नाम बदला है, बल्कि महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद को भी सीधे दोगुना कर दिया है।
इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) की महिलाओं को 1,700 रुपये की आर्थिक मदद मिलती थी। अब नई योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थी महिलाओं को सीधे 3,000 रुपये प्रति माह की बंपर वित्तीय सहायता दी जा रही है। सरकार के इस कदम को राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है।
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