रांची: झारखंड में आयोजित झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, लेकिन परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका में गलतियों को लेकर नाराजगी जताई है। इन तकनीकी खामियों को लेकर छात्रों ने सुधार की मांग की है। जिले में कुल 46 परीक्षा केंद्रों पर JPSC की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते परीक्षा बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरी हो गई।
Highlights:
प्रश्नों के विकल्प पर उठे सवाल
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ प्रश्नों के विकल्प गलत थे। अभ्यर्थियों के अनुसार, नेशनल कमीशन और पिछड़ा वर्ग से जुड़े सवालों में सही उत्तर विकल्पों में दिया ही नहीं गया था। ऐसी स्थिति में उन्हें मजबूरी में गलत विकल्प चुनना पड़ा। उन्होंने मांग की कि ऐसे प्रश्नों को हटाकर सभी अभ्यर्थियों को अंक दिए जाएं।
कुछ ने कहा कि उत्तर पुस्तिका की बनावट को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कुछ सवालों के लिए केवल 6 बॉक्स दिए गए थे, जबकि उत्तर भरने के लिए 7 बॉक्स की जरूरत थी। इस कारण उन्हें खुद से अतिरिक्त बॉक्स बनाकर उत्तर भरना पड़ा, जो परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-
यह भी पढ़ें: BPSC AEDO Exam 2026 में धांधली का खुलासा, नालंदा में आंसर की के साथ 3 गिरफ्तार
रजिस्ट्रेशन नंबर भरने में भी दिक्कत
एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन नंबर भरने के लिए दिए गए बॉक्स भी पर्याप्त नहीं थे। उन्हें भी अतिरिक्त बॉक्स बनाकर अपना नंबर भरना पड़ा, जिससे परीक्षा के दौरान भ्रम की स्थिति बनी रही। हालांकि परीक्षा बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन इन तकनीकी खामियों ने अभ्यर्थियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है।
छात्रों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की गलतियां नहीं होनी चाहिए। अभ्यर्थियों को अब उम्मीद है कि JPSC उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेगा और उचित निर्णय करेगा। खासकर विवादित प्रश्नों को लेकर आयोग क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


