रांची: झारखंड में उत्पाद सिपाही परीक्षा 2023 में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर पूरे मामले की CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग की है। AAP के प्रदेश सचिव प्रतिम मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रभात शर्मा, राजेश लिंडा समेत कई नेता मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
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सीएम के समक्ष भी उठ चुका है मुद्दा
AAP नेताओं ने बताया कि यह मामला पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने भी रखा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से अब राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि सैकड़ों अभ्यर्थियों के पेपर-2 में चुनी गई क्षेत्रीय भाषा को उनकी सहमति के बिना बदल दिया गया। जबकि अभ्यर्थियों ने पहले ही सुधार के लिए आवेदन दिया था, फिर भी बदलाव नहीं किया गया।
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सुनियोजित गड़बड़ी का आरोप
AAP नेताओं का कहना है कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गड़बड़ी है। गलत एडमिट कार्ड जारी करना और सुधार के बाद भी त्रुटियों को ठीक नहीं करना, अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पार्टी ने मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और CBI से जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
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परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
AAP ने कहा कि JSSC की सभी परीक्षाओं को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ठोस सुधार किए जाएं। इसके साथ ही भविष्य में JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। AAP नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज करेंगे। उनका कहना है कि छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे। उत्पाद सिपाही परीक्षा विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। इस मामले में आगे सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं, इस पर अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।


