Wednesday, July 29, 2026

मुरादाबाद में मां-बेटे की संदेहास्पद मौत, मृतका महिला की बेटी पर लगा हत्या का आरोप, हुई गिरफ्तार

मुरादाबाद: यूपी के मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र भैसली जमालपुर गांव में बुधवार को युवती ने अपनी मां और छोटे भाई की लोहे के सरिये से वार कर हत्या कर दी. घर के अंदर से काफी तेज आवाजें आ रही थी जिसे सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थी.

हत्या के बाद युवती खून से सने सरिया को लेकर पूरे गांव के गलियों में दौड़ने लगी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को हिरासत में ले लिया. वहीं बताई जा रहा कि युवती मानसिक रुप से बीमार है.

मानसिक रुप से बीमार थी बहन

जानकारी के अनुसार, परिवार में मदन सिंह की मौत के बाद उनका परिवार खेती-किसानी का काम करके अपना गुजारा करता था. बुधवार की शाम बड़ा बेटा राजीव अपनी 2 बहनों को लेकर गेहूं काटने खेत गया था. घर पर 60 वर्षीय मुन्नी देवी, 22 वर्षीय छोटा भाई अर्जुन और मानसिक रुप से बीमार मझली बहन  मौजूद थे. लगभग 2 साल से मानसिक रुप से बीमार मझली बहन अचानक उग्र हो गई और सरिया उठाकर आंगन पर बेटी मां के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. वहीं मां को बचाने आये अर्जुन पर ही उसने कई बार वार किया. उसने दोनों पर इस कदर हमला किया कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.

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बंधक से छूटते ही किया हमला

राजीव ने कहा बहन की मानसिक स्थिति पिछले 5 दिनों से बहुत ज्यादा खराब था, जिस वजह से उसे बांधकर रखा गया था. बुधवार शाम अचानक वह कैसे खुल गई, इस बात को कोई अंदाजा नहीं है. बंधक से खुलते ही उसने दोनों पर जोरदार हमला कर दिया और मार डाला. सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह और सीओ शुभम पटेल ने उसे किसी तरह काबू में किया और आरोपी बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

गलियों में दौड़ने से फैली सनसनी

दोनों की हत्या करने के बाद युवती घर से बाहर निकली, उसकी हालत को देखकर गांव के लोग डर गए. उसके हाथ में खून से सना सरिया और कपड़ों पर खून बिखरा था, वह इस तरह बिना किसी डर के गांव के गलियों में दौड़ने लगी. कुछ देर तक तो रास्ते में खड़े लोग उस देख कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जैसे ही लोगों ने उसके हाथ में खून से सना सरिया देखा वैसे ही वहां भगदड़ मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, महिलाएं अपने बच्चों को खींचकर घर के अंदर ले गई और दरवाजा बंद कर लिया. मोहल्ले के लोगों ने कहा कि वह काफी गुस्से में थी जिसे देख किसी की भी हिम्मत नहीं हुई की कोई उसके पास जाए.

इलाज के बाद भी कोई सुधार नहीं

राजीव के अनुसार, पिता की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी जिस कारण से उसे किसी बड़े अस्पताल या फिर मानसिक केंद्र में भर्ती नहीं कराया जा सका. घर पर ही उसे बांधकर रखा गया औऱ उसका अच्छे से ख्याल रखा गया, ताकि वो खुद को और किसी को भी चोट न पहुंचा सकें. लेकिन ये सावधानी ही मां और भाई के मौत का कारण बन गई. 2 सालों से लगातार उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.

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