रांची: झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने राज्य में पिछले सालों में एससी-एसटी एक्ट के एक हजार से अधिक लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को दो महीने में लंबित मामलों के निपटारे का निर्देश दिया है. अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीआईडी के आईडी बतया कि वर्ष 2021 से जून 2026 तक दर्ज मुकदमों में एससी संबंधित कुल 603 मामले लंबित हैं तो वहीं एसटी मामले में कुल 484 मामलों का निपटारा नहीं हो पाया है.
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समीक्षा बैठक में यह भी खुलासा हुआ कि कई जिलों में एक्ट के तहत पीड़ितों को देय मुआवजा राशि का भुगतान भी कई महीनों से लंबित है. इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव ने सभी DC को मुआवजा भुगतान से संबंधित अपडेटेड रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. मामलों के त्वरित निपटारे और जवाबदेही तय करने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं.
इसके तहत विशेष अभियान चलाकर एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज सभी मुकदमों में 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाए. इसके अलावा जिन मुकदमों में जांच 60 दिनों से अधिक समय से लटकी हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सुलझाया जाए. साल 2024 से मई 2026 के बीच कोर्ट द्वारा दी गई सजा और रिहाई के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा. सभी डीसी मुआवजा वितरण से जुड़ी जिलेवार रिपोर्ट जल्द सौंपेंगे. अगली बैठक में ‘निदेशक, अभियोजन निदेशालय’ पीड़ितों के मुआवजे से संबंधित अपडेटेड रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे.


