रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. जमाल अहमद ने बुधवार को बीते पांच वित्तीय वर्षों की अपनी एवं अपनी पत्नी डॉ. हलीमा खातून की आय, परिसंपत्तियों तथा देनदारियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया. प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से घोषित पांच वर्षों की वित्तीय स्थिति के साथ-साथ पारिवारिक संपत्तियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी स्पष्ट की है. बीते पांच सालों फाइल किए गए आयकर रिटर्न के अनुसार 1.85 करोड़ रुपये रही, जबकि पत्नी डॉ. हलीमा खातून की आय 60. 57 लाख रुपये दर्ज की गई.
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87.81 लाख का आवासीय फ्लैट
2.46 करोड़ की संपत्ति के अलावा परिसंपत्तियों में प्रमुख रूप से 1,596 वर्ग फुट क्षेत्रफल का एक आवासीय फ्लैट की भी घोषणा की गई है, जिसका घोषित मूल्य 87,81,280 रुपये है. हालांकि इसके अलावा उन्होंने किसी और प्रकार की संपत्ति नहीं होने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने कोई भी वाहन, सोना अथवा आभूषण अर्जित नहीं किया, जिसे कॉलम में “Nil” दर्शाया गया है.
इसी प्रकार देनदारियों में आवासीय फ्लैट के लिए 59.19 लाख रुपये का बैंक ऋण, साल 2016 में 20 लाख का ऋण के साथ साथ पत्नी डॉ. हलीमा खातून की ओर से वर्ष 2023 में लिया गया 15 लाख रुपये का ऋण लेने की भी जानकारी साझा की है. ये ऋण राशियां मूल अथवा घोषित ऋण राशि हैं और वर्तमान बकाया राशि माने जाने से पूर्व संबंधित बैंक अभिलेखों से सत्यापन आवश्यक होगा.
पैतृक पारिवारिक संपत्तियों का ब्यौरा
डॉ. जमाल अहमद ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में पैतृक पारिवारिक संपत्तियों का भी उल्लेख किया है. उन्होंने बताया कि उनके परदादा स्व. खुदा बख्श के स्वामित्व वाली कुछ भूमि आज भी अविभाजित है और उसका पारिवारिक बंटवारा नहीं हुआ है. जबकि उनके दादा स्व. मोहम्मद इस्माइल, जो सरकारी कर्मचारी थे, के नाम से कोई संपत्ति अर्जित नहीं की थी. वहीं उनके पिता स्व. जमील अहमद ने अपने जीवनकाल में दो मकानों का निर्माण कराया तथा कुछ भूमि अर्जित की थी. हालांकि वह भूमि आज भी अविभाजित है और उत्तराधिकारियों के बीच उसका विधिवत विभाजन नहीं हुआ है.
व्यक्तिगत रूप से अर्जित संपत्ति नहीं
डॉ. जमाल अहमद ने स्पष्ट किया कि पैतृक अथवा अविभाजित पारिवारिक संपत्तियों के अलावा उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से कोई और संपत्ति अर्जित नहीं की है. उन्होंने यह भी घोषित किया कि उक्त आवासीय फ्लैट के अतिरिक्त, पिछले पांच वर्षों में, जिसमें JPSC सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद की अवधि शामिल है, उन्होंने कोई अन्य महत्वपूर्ण चल या अचल संपत्ति अर्जित नहीं की है. उन्होंने कहा कि संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा केवल सार्वजनिक हित, पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना से जारी किया गया है.


