नई दिल्ली: लोकसभा में पेपर लीक बिल पर मंगलवार को हुई चर्चा के दौरान विपक्ष की तरफ से सबसे पहले कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर गंभीर नहीं है. ये सिर्फ दिखावे का बिल है. ये एक संशोधन बिल है. जिन लोगों को आपने ट्रांसफर किया या सस्पेंड किया, वो कौन लोग हैं? वो 47 लोग कौन हैं. लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ‘ये सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. सरकार से साल पहले भी बिल लेकर आई थी, जिसमें बड़ी-बड़ी बातें कही गई थीं. 45 में से 44 पेपर लीक के आरोपियों को जमानत मिल गई.’
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NTA चेयरमैन पर कार्रवाई क्यों नहीं
गौरव गोगोई ने कहा, ‘NTA के चेयरमैन का ब्योरा देख लीजिए, वे एक विशेष संगठन से जुड़े हुए हैं. जब वे MPSC में थे, तब भी धांधली हुई थी. छत्तीसगढ़ में थे, तब भी धांधली हुई थी. आज भी इतने पेपर लीक होने के बाद उनको बचाया जा रहा है. RSS के लिए शिक्षा विभाग बहुत महत्वपूर्ण विभाग है. हर चीज में उन्हें रखा जा रहा है. क्वालिटी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
गृहमंत्री से जवाब चाहते हैं
गौरव गोगोई ने कहा, ‘जहां पर हमने लोकतंत्र की ताकत देखी, वहीं सरकार की क्रूरता देखी. पेलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया. पुलिसकर्मी ने लड़की के गाल पर थप्पड़ मारा. आदेश कहां से आया कि पेलेट गन का इस्तेमाल हो. किसने आदेश दिया? किसने आदेश दिया कि लाठी पैरों पर नहीं, सर पर पड़े? गृहमंत्री से जवाब चाहते हैं.’
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा
एंटी पेपर लीक को लेकर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने अपनी बात लोकसभा में रखी. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘यह एक बड़ा बदलाव लाने वाला संशोधन है. यह मोदी सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना का सबूत है’ उन्होंने कहा, ‘जब परीक्षा की शुचिता प्रभावित होती है. इसका असर उन माताओं पर पड़ता है जो बच्चों की तैयारी में मदद करती हैं. उन पिताओं पर जो उनकी पढ़ाई का खर्च उठाते हैं.’


