नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के पहले दिन आज केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह आज लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (प्रिव्हेंशन ऑफ अनेफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में बदलाव का बिल पेश करेंगे. इस बिल के तहत पेपर लीक करने वालों को दस साल तक की जेल और दस करोड़ तक जुर्माना होगा. केंद्र सरकार ऐसे मामलों के लिए स्पेशन टास्क फोर्स बना सकेगी.
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8 साल तक परीक्षा पर रोक
इस बिल के मुताबिक़ सीबीआई या एसआईटी को दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी. प्रस्तावित क़ानून के तहत 5 से 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना होगा. अभियुक्तों से परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा. उन्हें आठ साल तक कोई सार्वजनिक परीक्षा देने पर रोक लगेगी. पहले एक करोड़ का जुर्माना था बैन चार साल का था.
हाई पावर्ड टास्क फोर्स
इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों को लेकर रविवार को नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई पावर्ड टास्क फ़ोर्स बनाने की घोषणा की थी. सोशल मीडिया पर इस संबंध में उन्होंने बताया कि उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही परीक्षाओं की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, “यह परीक्षा सुधार की तरफ़ फ़ोकस करेगा और जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने का काम, इसकी रिपोर्ट के आधार पर कर दिया जाएगा.”
हाई पावर्ड टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणी के अलावा इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं.


